अजमेर रोड क्लोअर लीफ तैयार : यू-टर्न से होने वाले हादसों पर लगेगी रोक, विभिन्न विभागों के अफसरों का संयुक्त दल जल्द करेगा मौका मुआयना
यात्रा में लगभग 5 किमी की बचत
जयपुर। जयपुर-अजमेर हाईवे को रिंग रोड से जोड़ने के लिए बनाई गई क्लोअर लीफ सोमवार से ट्रैफिक के लिए नहीं खोली जा सकी। फिलहाल एनएचएआई के अफसरों के साथ विभिन्न विभागों के अधिकारियों का संयुक्त दल क्लोअर लीफ का मौका मुआयना करेगा। इसके बाद इसे आमजन के लिए खोला जा सकेगा।
लोड टेस्टिंग के साथ सभी जांच पूरी: हालांकि एनएचएआई ने 200 करोड़ की लागत से बने इस प्रोजेक्ट का लोड टेस्ट पूरा कर लिया है। इसमें 40-40 टन वजन वाले चार डंपरों को खड़ा कर संरचना की क्षमता जांची गई, जो सफल रही। क्लोअर लीफ शुरू होने से करीब 30 हजार वाहनों को रोजाना फायदा मिलेगा। अब उन्हें बगरू इंड्ट्रिरयल एरिया से घूमकर रिंग रोड पर नहीं जाना पड़ेगा। इससे यात्रा में लगभग 5 किमी की बचत होगी।
हादसों से मिलेगी निजात
अजमेर से आने वाले वाहन इस क्लोअर लीफ के जरिए सीधे रिंग रोड पर चढ़ सकेंगे, जबकि रिंग रोड से भांकरोटा, 200 फीट बाइपास और सीकर रोड की ओर जाने वालों को भी बड़ी राहत मिलेगी। पहले अजमेर से आने वाले वाहन रिंगरोड पर जाने के लिए यू-टर्न लेते थे, जिससे हादसों का अंदेशा बना रहता था। जयपुर-बांदीकुई एक्सप्रेस-वे, टोंक रोड और आगरा रोड का रिंग रोड से सीधा कनेक्ट हो जाएगा। पिछले साल भांकरोटा में हुए अग्निकांड के बाद इस क्लोअर लीफ का निर्माण कार्य शुरू किया गया था, जो अब पूरा होकर उपयोग के लिए तैयार है।

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