देशभर में 5410 तहसीलों में सौंपे प्रार्थना पत्र : सीकर रोड पर निकली शोभायात्रा, संतों के सान्निध्य में जुटे आमजन
गौ सेवा संकल्प: राष्ट्र माता के सम्मान के लिए देशभर में हुंकार
देशभर की 5410 तहसीलों में गौ दिवस पर भव्य आयोजन हुए। जयपुर में संतों के सान्निध्य में शोभायात्रा निकाली गई और गौमाता को राष्ट्र माता का दर्जा देने हेतु राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। गौसेवकों ने 10 जुलाई तक सकारात्मक कार्रवाई न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
जयपुर। गो संरक्षण, संवर्धन एवं सम्मान को लेकर सोमवार को देशभर में गो दिवस मनाया गया। देशभर में एक साथ 5410 तहसीलों में तहसीलदार एवं एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम प्रार्थना पत्र सौंपे गए। वहीं, मोबाइल फोन से मिस कॉल देकर भी अभियान में भागीदारी की गई। जयपुर जिले की सभी तहसीलों में अलग-अलग स्थानों पर कड़ी धूप के बावजूद हजारों लोग अभियान में शामिल हुए। सीकर रोड स्थित सियारामदास जी की बगीची से गोमाता पूजन के साथ शोभायात्रा प्रारंभ हुई। गो ऋषि संत प्रकाशदास जी महाराज, महामंडलेश्वर रामसेवक दास महाराज, महंत हरिशंकरदास वेदांती, संत रामरतन दास महाराज, गो भक्त ताराचंद कोठारी,
नेचर वेलफेयर काउंसिल (भारत) के अध्यक्ष राहुल द्विवेदी सहित अन्य गणमान्य लोगों की मौजूदगी और संतों के सान्निध्य में निकली यात्रा में युवाओं, महिलाओं और गौसेवकों की बड़ी भागीदारी रही। लोग हाथों में ध्वज और तख्तियां लेकर गोमाता को राष्ट्र माता का सम्मान दो... गो हत्या बंद हो....गोमाता के सम्मान में हम सब मैदान में...जैसे जयघोष लगाते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा अंबावाड़ी स्थित आदर्श विद्या मंदिर पहुंचकर सभा में बदल गई। यहां भजन-कीर्तन और संतों के उद्बोधन हुए। मोहिनी एकादशी के उपवास के चलते कई संत-महंत और श्रद्धालु बिना अन्न-जल ग्रहण किए अपने शिष्यों सहित कार्यक्रम में उपस्थित रहे। संतों के प्रतिनिधिमंडल ने उप खंड अधिकारी राजेश जाखड़ को प्रार्थना पत्र सौंपा। गोसेवक ताराचंद कोठारी ने संतों, प्रशासन, सहभागियों और मीडिया का आभार व्यक्त किया।
आपसी समन्वय से जाम से मुक्त रहा कलेक्टे्रट क्षेत्र
भीड़ प्रबंधन को लेकर गो सेवी संगठनों साधु-संतों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने की संभावना को देखते हुए जिला कलेक्टर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में दबाव न बने, इसके लिए प्रशासन के आग्रह पर आयोजन स्थल कलेक्ट्रेट के बजाय आदर्श विद्या मंदिर रखा गया। संबंधित अधिकारी स्वयं आयोजन स्थल पर पहुंचे और प्रार्थना पत्र स्वीकार किया। आपसी सूझबूझ और समझदारी के चलते सप्ताह के पहले दिन कलेक्ट्रेट क्षेत्र यातायात जाम से मुक्त रहा। आमेर, सांगानेर, कालवाड़ सहित अन्य तहसीलों में भी प्रार्थना पत्र सौंपने के कार्यक्रम हुए। यहां निकाली गई शोभायात्राओं में गाय-बछड़े भी नजर आए। लोग बैलगाडिय़ों में बैठकर तहसील कार्यालय पहुंचे। नुक्कड़ सभाओं के बाद अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए।
प्रार्थना पत्र में शामिल मांगें
प्रार्थना पत्र में गोमाता को राष्ट्र माता का दर्जा देने, देशभर में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध हेतु सख्त कानून बनाने, सभी राज्यों में गो अभयारण्य स्थापित करने तथा निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग रखी गई।
ढाई माह करेंगे इंतजार
गोभक्त ताराचंद कोठारी ने कहा कि हमें आशा है सरकार गोसेवकों की मांग सुनेगी। दस जुलाई 2026 तक केन्द्र और राज्य सरकार की ओर से आशानुकूल उत्तर और परिणाम प्राप्त हो जाता है तो 27 जुलाई को देश के प्रत्येक जिले में जिला कलेक्टर के माध्यम से सरकार को धन्यवाद पत्र देंगे। किसी कारणवश तय तिथि तक सकारात्मक परिणाम नहीं मिलता है तो 27 जुलाई को प्रत्येक जिला मुख्यालय पर जाकर जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम एक बार फिर गो सेवा, गो सुरक्षा और गो सम्मान के निमित्त प्रार्थना पत्र देंगे।

Comment List