क्या घूंघट से महिलाएं सुरक्षित हैं, इस प्रथा का होना चाहिए अंत : रुचि गुर्जर
79वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में पोशाक पहन रुचि ने खींचा सभी का ध्यान
जयपुर। घूंघट के पीछे रहने के बाद भी क्या आज महिलाएं सुरक्षित है? असली मुद्दा महिला सुरक्षा है जो महिलाओं के घूंघट में रहने के बाद मजाक का विषय बन चुका है, ये कहना था 79वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में लोगों का आकर्षण अपनी ओर खींचने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री रुचि गुर्जर का। जयपुर की रुचि कांस में अपनी छटा बिखेरने के बाद गुरुवार को जयपुर पहुंची, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान अपने विचार रखे। इस दौरान रुचि ने बताया कि कांस में मेरा पहनावा एक मजबूत सामाजिक संदेश का हिस्सा था।
इस अंतरराष्ट्रीय मंच का इस्तेमाल मैंने ग्रामीण भारत में आज भी प्रचलित घूंघट प्रथा के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए किया। मैं राजस्थान के ग्रामीण तबके से तालुख़ रखती हूं और मैंने वहां महिलाओं को मजबूरन घूंघट रखते देखा है। मैं घूँघट को किसी तबके या जाति से नहीं जोड़ती, किसी भी तरह के पर्दे से बाहर आना महिलाओं का अधिकार है। रुचि कहती है कि पोशाक एक सम्मानित पहनावा है, मगर महिलाओं को इस सम्मान के साथ सुरक्षा भी चाहिए।

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