यातायात सुधार की बड़ी पहल : अर्बन मोबिलिटी, मेट्रो विस्तार और पार्किंग समाधान पर बनी कार्य योजना
सिंक्रोनाइज कर सिग्नल समन्वय बेहतर करने के निर्देश
बढ़ते शहरीकरण और लगातार बढ़ते यातायात दबाव के बीच जयपुर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुदृढ़ और भविष्य के अनुरूप बनाने की दिशा में जयपुर विकास प्राधिकरण ने कार्य योजना बनाना शुरू कर दिया है।
जयपुर। बढ़ते शहरीकरण और लगातार बढ़ते यातायात दबाव के बीच जयपुर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुदृढ़ और भविष्य के अनुरूप बनाने की दिशा में जयपुर विकास प्राधिकरण ने कार्य योजना बनाना शुरू कर दिया है। जेडीए के मंथन सभागार में मंगलवार को यातायात सुधार के लिए प्रतिष्ठित शहरी नियोजन विशेषज्ञों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने कहा कि अर्बन मोबिलिटी, मेट्रो विस्तार और पार्किंग समाधान पर कार्य योजना बनाई जाएगी। बैठक में स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर दिल्ली के प्रोफेसर सेवाराम, मोबिलिटी कंसल्टेंट अनिरुद्ध सहित जेडीए, नगर निगम और यातायात विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सिंक्रोनाइज कर सिग्नल समन्वय बेहतर करने के निर्देश
जेडीए आयुक्त ने बताया कि जयपुर अर्बन मोबिलिटी की चुनौतियां और भविष्य की कार्य योजना, जिसमें ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए प्लानिंग, डिजाइनिंग और क्रियान्वयन पर गहन मंथन समय की आवाश्यकता है। उन्होंने जेएलएन मार्ग और महल रोड हरे कृष्णा मार्ग जैसे प्रमुख कॉरिडोर का विश्लेषण करने तथा जंक्शनों को सिंक्रोनाइज कर सिग्नल समन्वय बेहतर करने के निर्देश दिए गए। यू टर्न और यू लूप पर तेज गति से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए डम्बल शेप और जिग जैग डिजाइन अपनाने पर भी सहमति बनी।
पैदल यात्रियों के अनुकूल विकसित करने पर जोर
पर्यटन और विरासत संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यूनेस्को हेरिटेज साइट्स और पुराने शहर के क्षेत्रों को पैदल यात्रियों के अनुकूल विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। पर्यटकों के लिए विशेष ट्रांसपोर्ट कार्ड शुरू करने और ई व्हीकल्स को बढ़ावा देने का सुझाव भी सामने आया।
इन पर भी बनी सहमति
बैठक में जयपुर मेट्रो के संभावित 45 किलोमीटर विस्तार, बस और मिनी बसों के प्रभावी संचालन, तथा पार्क एंड वॉक व पार्क एंड राइड जैसी अवधारणाओं को लागू करने पर रणनीति बनाई गई। सड़क किनारे अवैध पार्किंग पर सख्ती, ग्रीन जंक्शन विकसित करने और सड़क डिवाइडर्स पर पौधारोपण पर भी सहमति बनी।
स्कोप ऑफ वर्क प्रस्तुत किया जाएगा
जेडीसी ने बताया कि अगले 4 से 5 दिनों मे डेटा संकलन के बाद स्कोप ऑफ वर्क प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके आधार पर अल्पकालिक, मध्यम और दीर्घकालिक योजनाओं को प्राथमिकता से लागू किया जाएगा। इसमें पार्किंग नीति, पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर, एआई आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट और स्मार्ट चार्जिंग प्वाइंट्स जैसे अहम बिंदु शामिल होंगे।

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