साइबर अलर्ट : ऑनलाइन वेडिंग कार्ड के नाम से ठगी, पुलिस की एडवाइजरी जारी
फर्जी लिंक भेजकर भी बना सकते हैं निशाना
जयपुर। राजस्थान पुलिस के साइबर क्राइम विंग आर4सी ने आमजन को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है।
इसी क्रम में पुलिस ने ऑनलाइन वेडिंग कार्ड के नाम पर होने वाली संभावित साइबर ठगी को लेकर आमजन को सतर्क किया है। एडीजी साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया कि वेडिंग सीजन में साइबर ठग व्हाट्सऐप या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शादी के फर्जी निमंत्रण, होटल का पता, वेडिंग कार्ड अथवा प्री-वेडिंग फोटो-वीडियो के नाम पर संदिग्ध फाइल या लिंक भेज सकते हैं। इनके जरिए मोबाइल में मैलवेयर इंस्टॉल कर व्यक्तिगत जानकारी, एसएमएस-ओटीपी, बैंकिंग संबंधी जानकारी और अन्य संवेदनशील डेटा चोरी किया जा सकता है।
शादी का कार्ड है जरूर देखना :
साइबर ठग व्हाट्सऐप पर मैसेज भेजकर कहते हैं कि आपका हार्दिक स्वागत है, हमारी शादी का कार्ड और होटल का पता भेजा है या प्री-वेडिंग की फोटो और वीडियो हैं, जरूर देखना। इसके साथ एपीके एक्सटेंशन वाली फाइल भेजी जा सकती है। ऐसी संदिग्ध एपीके फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करें।
फर्जी लिंक भेजकर भी बना सकते हैं निशाना :
कई मामलों में साइबर ठग फाइल के स्थान पर फिशिंग लिंक भेज सकते हैं। लिंक शादी के निमंत्रण, होटल बुकिंग या वेडिंग कार्ड देखने के नाम पर बनाया जाता है। लिंक खोलने पर फर्जी वेबसाइट मोबाइल नंबर, बैंक संबंधी जानकारी या अन्य संवेदनशील विवरण भरने के लिए कह सकती है। कुछ मामलों में संदिग्ध सॉफ्टवेयर डाउनलोड कराने का प्रयास भी किया जा सकता है।
मैसेज पर आंख मूंदकर भरोसा न करें :
साइबर ठग किसी परिचित का व्हाट्सऐप अकाउंट हैक कर उसके नाम से मैसेज भेज सकते हैं जैसे भाई, शादी का कार्ड भेजा है, देखकर बताओ वेन्यू सही है या नहीं... मैं जल्दी में हूं। परिचित के नंबर से संदेश आने के कारण व्यक्ति बिना सत्यापन किए लिंक या फाइल खोल सकता है।

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