सार्वजनिक स्थानों पर अनजान व्यक्ति को मोबाइल देने से बढ़ रहा साइबर फ्रॉड : अपराधी तकनीक के साथ लोगों को बातों में फंसाते हैं, जानें उनके फ्रॉड के तरीके
अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल
सार्वजनिक जगहों पर फोन मांगकर साइबर ठग बना रहे निशाना। कॉल फॉरवर्डिंग (*#21#), स्पाइवेयर और डेटा चोरी से बैंक-व्हाट्सऐप अकाउंट खतरे में। अपराधी आपके कॉन्टैक्ट्स से ठगी भी करते हैं। सतर्क रहें—फोन खुद डायल करें, अनलॉक फोन न दें, ##002# से फॉरवर्डिंग बंद करें और सभी पेमेंट ऐप्स सुरक्षित रखें।
जयपुर। पुलिस मुख्यालय की साइबर क्राइम ब्रांच ने आमजन को सतर्क करते हुए एक नई एडवाइजरी जारी की है। साइबर अपराधी तकनीक के साथ-साथ लोगों को बातों में फंसाते हैं। वे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, पार्क और पर्यटन स्थलों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर लोगों से जरूरी कॉल करने के बहाने मोबाइल मांगते हैं और फिर धोखाधड़ी को अंजाम देते हैं।
अपराध के प्रमुख तरीके
कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम: अपराधी आपके फोन से 21 जैसे कोड डायल कर कॉल फॉरवर्डिंग चालू कर देते हैं। इससे आपके ओटीपी और कॉल उनके नंबर पर जाने लगते हैं। बैंक, सोशल मीडिया और वाट्सअप अकाउंट खतरे में आ जाते हैं।
मैलवेयर/स्पाइवेयर इंस्टाल करना: फोन इस्तेमाल करते समय अपराधी छिपकर लिंक खोलकर स्पाई ऐप या की लोगर डाउनलोड कर सकते हैं। आपकी निजी जानकारी, पासवर्ड और फोटो चोरी हो सकते हैं।
कॉन्टैक्ट्स और डेटा चोरी: फोन से कॉन्टैक्ट लिस्ट कॉपी कर ली जाती है। बाद में आपके रिश्तेदारों को इमरजेंसी का बहाना बनाकर पैसे मांगे जाते हैं।
अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल: आपके फोन से किए गए कॉल अगर किसी अपराध से जुड़े हों। पुलिस रिकॉर्ड में आपका नंबर आ सकता है। आप अनजाने में कानूनी परेशानी में फंस सकते हैं।
बचाव के जरूरी उपाय
- फोन हमेशा अपने हाथ में रखें, खुद नंबर डायल करें और स्पीकर पर बात कराएं। फोन को अनलॉक स्थिति में किसी को न दें।
- कॉल फॉरवर्डिंग चेक करें।
- चेक करें: *#21#
- बंद करें: ##002#
- सभी यूपीआई और पेमेंट ऐप्स पर पिन या बायोमेट्रिक लॉक लगाएं।

Comment List