राशन डीलर्स से अफसर की मिलीभगत गरीबों का 63 लाख का गेंहू डकार गए, सचिव की जांच में और ज्यादा मिला गेंहू गबन
बड़ी कार्रवाई: राशन घोटाले में अधिकारी रेखा खींची बर्खास्त
राजस्थान में 63 लाख रुपये के गेहूं गबन मामले में प्रवर्तन अधिकारी रेखा खींची को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जांच में खैरथल-तिजारा के आठ डीलर्स के साथ मिलकर 2,338 क्विंटल गेहूं की हेराफेरी उजागर हुई। सरकार आरोपी अधिकारी और डीलर्स से पूरी राशि की वसूली करेगी।
जयपुर। राजस्थान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत गरीबों को मिलने वाले गेंहू का आठ राशन डीलर्स के साथ मिलकर 63 लाख के 2,338 क्विंटल गेंहू का गबन करने के आरोप में खाद्य सचिव अम्बरीश कुमार ने खैरथल-तिजारा की ईओ (प्रवर्तन अधिकारी) रहीं रेखा खींची को सेवा से बर्खास्त किया है। खींची को अतिरिक्त खाद्य आयुक्त की जांच में दोषी पाए जाने पर पहले दंड के रूप में एक वेतन वृद्धि रोकने का आदेश 14 अगस्त 2025 को किया गया था, लेकिन खुद को निर्दोष बताते हुए रेखा ने इसकी सुनवाई अपील 27 फरवरी 2026 को सचिव अम्बरीश कुमार के यहां कर दी। उन्होंने सुनवाई के बाद तथ्यों की जांच में दोष को अत्यंत गंभीर मानते हुए वेतन वृद्धि को नाकाफी माना और उन्हें सेवा से बर्खास्त किया।
मामले की शिकायत किशनगढ़ बास के पूर्व विधायक रामहेत यादव ने सीएमओ में की थी। अतिरिक्त खाद्य आयुक्त ने जांच में छह दुकानों पर 1842.26 क्विंटल गेंहू का गबन माना, लेकिन जब सचिव स्तर पर मामले की गहन जांच हुई तो रेखा के 2 साल 6 माह के कार्यकाल में आठ डीलर्स के यहां अनियमितताएं और गबन हुए गेंहू की मात्रा 2338 क्विंटल मिली।
रेखा से 15.75 लाख और डीलर्स से 47.25 की वसूली भी होगी
27 रुपए प्रति किलोग्राम गेंहू का मूल्य तय कर गबन हुए 63 लाख रुपए के सरकारी गेंहू की कीमत अब रेखा खींची और डीलर्स से वसूली जाएगी। रेखा से 25 फीसदी यानी 15.75 लाख और दोषी डीलर्स से 47.25 लाख रुपए की वसूली तीन माह में होगी। खींची के प्रोबीडेन्ट फंड, जीपीएफ या पेंशन फंड से राशि ली जाएगी।

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