डीएनटी पहचान प्रमाण पत्र सहायता शिविरों की तिथि 15 फरवरी तक बढ़ी, 10,764 आवेदन प्राप्त हुए, 5000 से ज्यादा प्रमाण पत्र जारी, 1300 से ज्यादा आवेदन लौटाए गए
डीएनटी पहचान शिविरों की अवधि बढ़ी
जयपुर में डीएनटी समुदाय के पहचान प्रमाण पत्र सहायता शिविरों की अवधि 15 फरवरी तक बढ़ी। अधिक लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने हेतु प्रदेशभर में शिविर जारी रहेंगे, सरकार कहती।
जयपुर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु (डीएनटी) समुदाय के लिए प्रदेश भर में संचालित पहचान प्रमाण पत्र सहायता शिविरों की अवधि बढ़ा दी गई है। अब ये शिविर 15 फरवरी तक आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को लाभ मिल सके।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर 12 से 31 जनवरी तक डीएनटी समुदाय के लोगों को पहचान प्रमाण पत्र जारी करने के लिए शिविर लगाए गए थे। समुदाय के प्रतिनिधियों की मांग और पात्र व्यक्तियों को अधिकाधिक लाभान्वित करने के उद्देश्य से शिविरों की तिथि बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
मंत्री गहलोत ने बताया कि शिविरों के आरंभ से अब तक ई-मित्र पोर्टल पर डीएनटी पहचान प्रमाण पत्र के लिए कुल 10,764 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 5,378 प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं, जबकि 1,301 आवेदन कमी पूर्ति या अन्य आक्षेपों के कारण लौटाए गए हैं। शेष आवेदन प्रक्रियाधीन हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के सुशासन में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि घुमन्तु समुदाय के सभी व्यक्तियों को ऑनलाइन पहचान प्रमाण पत्र जारी कर राज्य की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। इसके लिए सभी जिलों के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की पंचायत समितियों, नगरपालिकाओं, नगर परिषदों एवं नगर निगमों में 15 फरवरी तक सहायता शिविर आयोजित किए जाएंगे।
शिविरों में मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र और मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने की भी व्यवस्था की गई है। मंत्री ने अपील की कि समुदाय के अधिक से अधिक पात्र लोग शिविरों का लाभ उठाएं, ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

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