गहलोत ने इंतजार के साथ शास्त्र जोड़ा, यह शास्त्र का अपमान : तिवाड़ी
गहलोत साहब को दिल्ली में पायलट और राजस्थान में डोटासरा के चलते तवज्जो नहीं दी जा रही
भाजपा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने अशोक गहलोत के “इंतजार शास्त्र” पर तंज कसते हुए कहा कि शास्त्र जैसे पवित्र शब्द का दुरुपयोग न करें। उन्होंने आरोप लगाया कि गहलोत के कार्यकाल में कांग्रेस कमजोर हुई। तिवाड़ी के अनुसार 4148 में से 2208 घोषणाएं अधूरी रहीं, जबकि भजनलाल सरकार ने 90% घोषणाओं पर स्वीकृति दे दी है।
जयपुर। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इंतजार शास्त्र पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत में शास्त्र तो 64 ही हुए है, शास्त्र जैसे पवित्र शब्द के साथ इंतजार नहीं जोड़ना चाहिए। गहलोत जब-जब मुख्यमंत्री बने, उसके बाद उन्होंने पार्टी को रसातल में पहुंचाया और सत्ता भाजपा के पास आई। कांग्रेस पार्टी को रतोतल में पहुंचाने वाले गहलोत साहब को दिल्ली में पायलट और राजस्थान में डोटासरा के चलते तवज्जो नहीं दी जा रही। तिवाड़ी ने पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत के कार्यकाल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि फूलां बाई फूलगी, गेल का दिन भूलगी...लोकोक्ति अशोक गहलोत पर चरितार्थ हो रही है।
गहलोत ने 5 साल में 4148 घोषणाएं की थी, जिनमें से 2208 पूरी ही नहीं हुई। 626 घोषणाएं तो ऐसी थी जिन पर एक रुपए तक खर्च नहीं हुआ, जबकि भजनलाल सरकार ने 2719 बजट घोषणाएं की, जिसमें से 90 फीसदी पर स्वीकृतियां जारी कर दी है। 34 प्रतिशत में कार्य पूर्ण हो गया, 56 प्रतिशत प्रगतिरत है और 10 प्रतिशत पर कार्य प्रारंभ होना है।

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