जेईसीसी में इंडिया स्टोनमार्ट-2026 का भव्य शुभारंभ, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दोहराया ग्लोबल स्टोन हब का संकल्प
डेवलपमेंट और स्टार्टअप संभावनाओं पर विशेष फोकस
भजनलाल शर्मा ने जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी इंडिया स्टोनमार्ट-2026 का दीप प्रज्वलन के साथ औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने स्टोन उद्योग को राजस्थान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र रोजगार सृजन, निर्यात वृद्धि और औद्योगिक विकास में अहम भूमिका निभा रहा है।
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी) में चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी इंडिया स्टोनमार्ट-2026 का दीप प्रज्वलन के साथ औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने स्टोन उद्योग को राजस्थान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र रोजगार सृजन, निर्यात वृद्धि और औद्योगिक विकास में अहम भूमिका निभा रहा है। करीब 25 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली इस भव्य प्रदर्शनी में कुल 539 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें देश और विदेश की अग्रणी स्टोन कंपनियां अपनी नवीनतम तकनीकों और उत्पादों का प्रदर्शन कर रही हैं। स्टोनमार्ट-2026 में 20 से अधिक देशों से आए खरीदारों और आर्किटेक्ट्स की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक सहयोग के नए अवसर बन रहे हैं।
MSME और छोटे स्टोन उद्यमियों को यहां अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधी बातचीत और व्यावसायिक समझौते करने का मंच मिला है। प्रदर्शनी में नई मशीनरी, ऑटोमेशन, ग्रीन टेक्नोलॉजी और डिजाइन-आधारित स्टोन एप्लीकेशन आकर्षण का केंद्र हैं। इसके साथ ही रोजगार, स्किल डेवलपमेंट और स्टार्टअप संभावनाओं पर विशेष फोकस रखा गया है। समारोह के दौरान स्टोन उद्योग के दिग्गजों को सीडॉस लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने राजस्थान को वैश्विक स्टोन हब के रूप में स्थापित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान का स्टोन देश-विदेश की कई बड़ी इमारतों और प्रतिष्ठित संरचनाओं में उपयोग हुआ है. यहाँ का स्टोन अत्यंत टिकाऊ, मजबूत और कम रखरखाव वाला है, जो इसे वैश्विक स्तर पर खास बनाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि राजस्थान का हर जिला विकास की मुख्यधारा से जुड़े और अपनी विशिष्ट पहचान बनाए। स्टोन उद्योग इसमें अहम भूमिका निभा रहा है और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है।
करीब 25 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली इस भव्य प्रदर्शनी में 539 स्टॉल लगाए गए हैं। इसमें 20 से अधिक देशों से आए खरीदार, आर्किटेक्ट्स, डिजाइनर्स और उद्योग विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। प्रदर्शनी में माइनिंग से लेकर प्रोसेसिंग, डिजाइन, आधुनिक मशीनरी, ग्रीन टेक्नोलॉजी और एक्सपोर्ट जैसे स्टोन उद्योग के सभी पहलुओं को प्रदर्शित किया गया है। इंडिया स्टोनमार्ट-2026 को राजस्थान को वैश्विक स्टोन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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