गाइड, स्थानीय परिवहन और पारंपरिक कला से जुड़े लोगों को मिलेगा प्रोत्साहन, हवेलियों को वैश्विक पहचान

अब शेखावाटी के पर्यटन को नई उड़ान की उम्मीद

गाइड, स्थानीय परिवहन और पारंपरिक कला से जुड़े लोगों को मिलेगा प्रोत्साहन, हवेलियों को वैश्विक पहचान
राजस्थान के शेखावाटी अंचल की ऐतिहासिक हवेलियां यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल। अलसीसर से सीकर तक 14 प्रमुख क्षेत्रों की हवेलियां सूची में। विशेषज्ञों के अनुसार, हेरिटेज टूरिज्म को बढ़ावा मिलने, देश-विदेश से पर्यटकों की संख्या बढ़ने और होटल, होमस्टे, गाइड, हस्तशिल्प व स्थानीय परिवहन कारोबार को लाभ मिलने की उम्मीद।

जयपुर। राजस्थान के शेखावाटी अंचल की ऐतिहासिक हवेलियों को यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया जाना केवल विरासत संरक्षण के लिहाज से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्र के पर्यटन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

विश्व स्तर पर पहचान मिलने के बाद देश-विदेश के पर्यटकों के बीच शेखावाटी की हवेलियों, भित्तिचित्रों और स्थापत्य कला को लेकर आकर्षण बढ़ सकता है। जानकारी के अनुसार अलसीसर से सीकर तक 14 प्रमुख क्षेत्रों की हवेलियां इस सूची में शामिल की गई हैं। शेखावाटी अपनी अनूठी हवेलियों, रंगीन भित्तिचित्रों और पारंपरिक स्थापत्य के लिए लंबे समय से देश-विदेश में पहचान रखता है।

पर्यटन को मिल सकती है बड़ी उड़ान :

पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आगे चलकर शेखावाटी की ऐतिहासिक हवेलियों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में स्थान मिलता है तो इसका सीधा लाभ पर्यटन गतिविधियों को मिल सकता है। इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ होटल, होमस्टे, गाइड, स्थानीय परिवहन, हस्तशिल्प और पारंपरिक कला से जुडेÞ कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार विश्व धरोहर की दिशा में आगे बढ़ने के लिए हवेलियों के संरक्षण, रख-रखाव और आस-पास के पर्यटन ढांचे को मजबूत करना अहम होगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

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पर्यटन विशेषज्ञों का कहना :

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यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में शेखावाटी की हवेलियों का शामिल होना इस क्षेत्र के पर्यटन के लिए बड़ा अवसर है। अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने से विदेशी पर्यटकों के बीच यहां आने की रुचि बढ़ सकती है। जरूरत इस बात की है कि विरासत संरक्षण के साथ पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं भी विकसित की जाएं।

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-संजय कौशिक, पर्यटन विशेषज्ञ

शेखावाटी की हवेलियां राजस्थान की अनूठी सांस्कृतिक विरासत हैं। इन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान मिलने से हेरिटेज टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों को गाइड, होमस्टे, हस्तशिल्प और अन्य पर्यटन गतिविधियों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं।

-मदन सिंह राजपुरा, पर्यटन विशेषज्ञ

टेंटेटिव लिस्ट में शामिल होना शुरुआत भर है, लेकिन यह शुरुआत बेहद महत्वपूर्ण है। अब संरक्षण की ठोस योजना, नियमित रख-रखाव और बेहतर पर्यटन प्रबंधन पर काम किया जाना चाहिए। यदि शेखावाटी को आगे विश्व धरोहर का दर्जा मिलता है तो इसका व्यापक आर्थिक और पर्यटन लाभ पूरे क्षेत्र को मिल सकता है।

-नरेंद्र सिंह, पर्यटन विशेषज्ञ  

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