सफाई ठेका समिति को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक, जवाब-तलब
प्रावधान आरटीपीपी रूल्स के बजाए साल 2012 के अधिनियम
राजस्थान हाईकोर्ट ने सफाई ठेका समिति को ब्लैक लिस्ट करने के झालवाड की अकलेरा पंचायत समिति के 20 फरवरी, 2025 के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। इसके साथ ही अदालत ने मामले में पंचायती राज सचिव और पंचायत समिति से जवाब तलब किया। जस्टिस अनुरूप सिंघी की एकलपीठ ने यह आदेश कोटा की रामकृष्ण विद्या समिति की याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने सफाई ठेका समिति को ब्लैक लिस्ट करने के झालवाड की अकलेरा पंचायत समिति के 20 फरवरी, 2025 के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही अदालत ने मामले में पंचायती राज सचिव और पंचायत समिति से जवाब तलब किया है। जस्टिस अनुरूप सिंघी की एकलपीठ ने यह आदेश कोटा की रामकृष्ण विद्या समिति की याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता अक्षय यादव ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता फर्म को 31 ग्राम पंचायतों में सफाई का ठेका दिया गया था। वहीं अकलेरा पंचायत समिति के बीडीओ ने 20 फरवरी, 2025 को आरटीपीपी रूल्स, 2013 के नियम 46 2 का हवाला देते हुए याचिकाकर्ता को ब्लैकलिस्ट कर दिया।
इसे चुनौती देते हुए कहा कि इन नियमों के तहत याचिकाकर्ता को ब्लैकलिस्ट नहीं किया जा सकता था। ब्लैकलिस्ट करने का प्रावधान आरटीपीपी रूल्स के बजाए साल 2012 के अधिनियम में है। इसके अलावा ब्लैकलिस्ट आदेश में यह भी हवाला नहीं है कि याचिकाकर्ता को कितनी अवधि के लिए ब्लैकलिस्ट किया जा रहा है, जबकि सुप्रीम कोर्ट तय कर चुका है कि किसी भी संस्था को असीमित समय के लिए ब्लैकलिस्ट नहीं किया जा सकता। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश की क्रियान्विति पर रोक लगाते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है।

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