सीकर रोड ट्रांसपोर्ट नगर योजना में गड़बड़ियाँ : दोहरे आवंटन, लीज अटकी ; अधिकारियों पर कार्रवाई
एक के बजाय दो अलग-अलग व्यक्ति या फर्म को आवंटित
जयपुर विकास प्राधिकरण की सीकर रोड स्थित ट्रांसपोर्ट नगर योजना में भूखण्ड आवंटन प्रक्रिया को लेकर गंभीर अनियमितताएँ सामने आई। जोन-13 की ओर से विकसित इस योजना में वाणिज्यिक भूखण्डों के आवंटन के दौरान कई मामलों में दोहरा आवंटन कर दिया गया, जिससे आवंटियों को लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा।
जयपुर। जयपुर विकास प्राधिकरण की सीकर रोड स्थित ट्रांसपोर्ट नगर योजना में भूखण्ड आवंटन प्रक्रिया को लेकर गंभीर अनियमितताएँ सामने आई हैं। जोन-13 की ओर से विकसित इस योजना में वाणिज्यिक भूखण्डों के आवंटन के दौरान कई मामलों में दोहरा आवंटन कर दिया गया, जिससे आवंटियों को लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पूरे प्रकरण ने योजना की पारदर्शिता और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विधानसभा में एक सवाल के जवाब में बताया कि योजना के तहत वर्ष 2007 की लॉटरी में 1146 तथा वर्ष 2018 की लॉटरी में 968 भूखण्ड आवंटित किए गए थे। इनमें से 1601 भूखण्डधारियों को मांग राशि जमा कराने के बाद लीज डीड जारी कर दी गई, जबकि 513 मामलों में राशि विलंब से जमा होने या पूर्ण भुगतान न होने के कारण लीज जारी नहीं हो सकी। लेकिन जांच में यह भी सामने आया कि 18 भूखण्ड ऐसे हैं जिन्हें एक के बजाय दो अलग-अलग व्यक्ति या फर्म को आवंटित कर दिया गया।
प्रकरण में प्रथम आवंटी को यथावत रखते हुए दूसरे आवंटन को निरस्त करने की प्रक्रिया चल रही है। यह कार्रवाई जयपुर विकास प्राधिकरण के संबंधित परिपत्र के अनुसार की जा रही है। दोहरे आवंटन और प्रकरणों के लंबित रहने को लेकर तत्कालीन योजना सहायक, सहायक नगर नियोजक और उपायुक्त स्तर के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है। एक प्रमुख भूखण्ड (प-2/385) का पूरा भुगतान वर्ष 2020 में ही जमा हो चुका था, फिर भी दोहरे आवंटन और न्यायालय में वाद लंबित होने के कारण उसकी लीज डीड अब तक जारी नहीं हो सकी। इससे आवंटी को आर्थिक और कानूनी असमंजस झेलना पड़ रहा है।

Comment List