जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल : अपनी किताब को लेकर बोली हुमा कुरैशी, कहा- मैं यहां अपनी किताब बेचने आई हूं

उपन्यास में समकालीन प्रासंगिकता को जोड़ा गया

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल : अपनी किताब को लेकर बोली हुमा कुरैशी, कहा- मैं यहां अपनी किताब बेचने आई हूं

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में रविवार फिल्म अभिनेत्री हुमा कुरैशी अपने पहले उपन्यास जेबा पर आधारित एक सत्र में भाग लेने आई

जयपुर। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में रविवार फिल्म अभिनेत्री हुमा कुरैशी अपने पहले उपन्यास जेबा पर आधारित एक सत्र में भाग लेने आई। इस सत्र का नाम सुपर वूमेन एंड सुपर पावर्स: रीगेमिंग फिक्शन था। इस अवसर पर उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी किताब के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यह उपन्यास उन सभी लोगों के लिए है जो खुद पर फोकस कर अपनी सुपरपावर बनना चाहते हैं। यह एक ऐसी कहानी है जिसमें जादू, आश्चर्य और गहरी भावनाओं का मिश्रण है। इस उपन्यास की पृष्ठभूमि वीरता, बदलाव और विपरीत परिस्थितियों का सामना करने की मानवीय भावना पर आधारित है। इस किताब में समकालीन मुद्दों को काल्पनिक विषयों के साथ जोड़ा गया है, जिससे यह और भी अधिक प्रभावशाली बन जाती है। यह कहानी पितृसत्तात्मक समाज में महिलाओं के संघर्ष, सत्ता और परिवार जैसे जटिल मुद् दों पर चर्चा करती है। उपन्यास में जादुई यथार्थवाद, सांस्कृतिक आलोचना और समकालीन प्रासंगिकता को जोड़ा गया है। कहानी एक बिगड़ैल, अमीर लड़की की है, जो अपने आलीशान न्यूयॉर्क अपार्टमेंट की छत पर आराम फरमाने और अपनी पसंदीदा मारिजुआना के गहरे कश लेने के अलावा किसी भी चीज में दिलचस्पी नहीं रखती। 

जेबा को सिर्फ अपने बाहरी शत्रुओं से ही नहीं, बल्कि अपने भीतर के राक्षसों से भी जूझना है। यह केवल उसके परिवार को नहीं बल्कि पूरी दुनिया को बचाने की लड़ाई है। किताब को लिखने में उन्हें दो साल लगे। हालांकि उन्होंने 2019 में इस पर काम शुरू किया था, लेकिन शुरुआत में वे केवल दस-बीस लाइनें ही लिख पाई और फिर मामला आगे नहीं बढ़ा। हुमा ने यह भी खुलासा किया कि शुरुआत में उन्होंने इस कहानी को एक फिल्म की स्क्रिप्ट या टेलीविजन शो के रूप में लिखा था, लेकिन बाद में इसे उपन्यास के रूप में प्रकाशित करने का निर्णय लिया। उनका कहना था कि हार्पर कॉलिन्स के साथ काम करते हुए उन्हें एक नई तरह की स्वतंत्रता मिली और उन्होंने इस कहानी को अपने अनुसार गढ़ा।

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