फांसी लगाने से ही हुई निवेदिता की मौत
इसका खुलासा रिपोर्ट से हुआ है
जयपुर। माणक चौक थाना इलाके में खवास का रास्ता स्थित महंत अंजन कुमार के मकान में फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाली निवेदिता की रिपोर्ट में फांसी लगाने से मौत होना सामने आया है। इसका खुलासा रिपोर्ट से हुआ है। वहीं मृतका के परिजनों ने निवेदिता की मौत के संबंध में कोई शिकायत पुलिस में दर्ज नहीं कराई है। इसके अलावा महंत अंजन कुमार के मकान पर लोगों की भीड़ जमा रही और निवेदिता की सुसाइड के लेकर लोग आपस में बातचीत करते नजर आए। थाना प्रभारी सुरेंद्र यादव ने बताया कि निवेदिता के संबंध में रिपोर्ट आ गई है। इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि निवेदिता की मौत फांसी लगाने से हुई है और कोई कारण मौत का सामने नहीं आया है। भीड़ होने के कारण निवेदिता के परिजन और महंत अंजन कुमार और उनके बेटे मानस गोस्वामी से कोई सबूत या जानकारी नहीं जुटा पाए हैं।
एफएसएल के पास नहीं गया सुसाइड नोट
निवेदिता की मौत के बाद मौके से मिले पुलिस को सुसाइड नोट में लिखा था आई एम सॉरी। इस दौरान पुलिस ने मौके पर एफएसएल टीम को बुलाकर मौका मुआयना कराया नक्शा बनवाया और सुसाइड नोट जप्त किया था, लेकिन परिजनों के रिपोर्ट नहीं देने के कारण पुलिस ने कोई भी अहम साक्ष्य एफएसएल के पास जांच के लिए भी नहीं भेजा है। एफएसएल के निदेशक का कहना है कि हमारे पास निवेदिता के संबंध में मिला कोई सुसाइड नोट हमें जांच के लिए नहीं भेजा है। वहीं पुलिस ने भी सुसाइड नोट किस हैंडराइटिंग से लिखा गया है। इस संबंध में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा निवेदिता के पास मिला मोबाइल भी अभी जांच के लिए नहीं भेजा है।
क्या है मामला
महंत अंजन कुमार के बेटे मानस गोस्वामी की पत्नी निवेदिता ने खवास का रास्ता स्थित मकान में फांसी लगा ली थी। नौकरानी को इस संबंध में सबसे पहले जानकारी हुई थी। उसके बाद शव को नीचे उतारा और गणगौरी अस्पताल पहुंचाया था, जहां निवेदिता को मृत घोषित कर दिया। फांसी लगाने के दौरान निवेदिता के अंजन कुमार और मानस गोस्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए गए थे और उनके बेटे को निवेदिता स्कूल छोड़ कर आई थी। उसके बाद मकान में फांसी लगा ली थी। पुलिस और परिचितों समेत फांसी लगाने का प्रथम दृष्टया कारण पारिवारिक विवाद को माना गया है। वही पुलिस अधिकारियों और कहना है फिर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ही कोई भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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