जयपुर से सीकर तक रिश्वत के जाल में फंसे बाहरी पुलिसकर्मी, केंद्रीय एजेंसियों के अफसरों पर भी की गई कार्रवाई
एसीबी ने रंगे हाथों दबोचा
जयपुर। कई जांच एजेंसियों के कर्मचारियों और अधिकारियों में घूसखोरी की लत इस कदर लग चुकी है कि वो जांच के लिए किसी अन्य राज्य में भी जाते हैं तो घूस लेने से नहीं चूकते हैं। राजस्थान में आकर जांच के नाम पर घूस लेने के मामलों की तह तक गए तो पता चला कि पिछले सालों में एक दर्जन से अधिक कर्मचारी व अधिकारी यहां आकर घूस ले रहे थे, जिन्हें एसीबी ने रंगे हाथों दबोच लिया।
जांच में राहत के बदले मांगी रिश्वत:जून 2026 में एसीबी ने बंगलूरू के एचएएल थाने में तैनात महिला उपनिरीक्षक अनिता के और दो हेड कांस्टेबलों को गिरफ्तार किया। वे दहेज प्रताड़ना के मामले की जांच के लिए जयपुर आए थे। आरोप है कि मामले में राहत दिलाने के बदले दो लाख रुपए मांगे गए। एसीबी ने होटल में जाल बिछाकर एक हेड कांस्टेबल को 40 हजार रुपए लेते पकड़ा। पूछताछ के बाद महिला उपनिरीक्षक और दूसरे हेड कांस्टेबल को भी गिरफ्तार किया गया।
सीकर में यूपी पुलिस के 4 कर्मी :
गत अगस्त में अयोध्या जिले के साइबर क्राइम थाने में तैनात एक उपनिरीक्षक और तीन कांस्टेबलों को गिरफ्तार किया गया। आरोप था कि साइबर अपराध के मामले में शिकायतकर्ता के भाई का नाम हटाने के बदले चार लाख रुपए मांगे गए। बाद में 2.80 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। एसीबी ने रकम लेते एक कांस्टेबल को पकड़ा और अन्य तीन पुलिसकर्मियों को भी गिरफ्तार किया।
कोटा में दिल्ली पुलिस की एएसआई :
मई 2023 में राजस्थान एसीबी ने दिल्ली पुलिस की एएसआई रेखा सिंह को नंदा देवी एक्सप्रेस में 20 हजार रुपए लेते पकड़ा था। आरोप था कि दिल्ली में दर्ज मामले में शिकायतकर्ता के परिजनों को राहत देने के बदले घूस मांगी गई थी।
ईडी अधिकारी पर 17 लाख मांगने का आरोप :
नवंबर 2023 में एसीबी ने ईडी के इम्फाल कार्यालय में तैनात प्रवर्तन अधिकारी नवल किशोर मीणा और उनके सहयोगी बाबूलाल मीणा को जयपुर में 15 लाख रुपए लेते गिरफ्तार किया था। मणिपुर में दर्ज चिटफंड मामले में संपत्ति कुर्क नहीं करने और शिकायतकर्ता को गिरफ्तार नहीं करने के बदले 17 लाख रुपए मांगे थे। कार्रवाई के बाद ईडी ने अपने अधिकारी को निलंबित किया था।
सीजीएसटी अधीक्षक 4 लाख रुपए के साथ गिरफ्तार :
जून 2022 में एसीबी ने अलवर में तैनात सीजीएसटी अधीक्षक धनराज कुमावत को भरतपुर में चार लाख रुपए की कथित रिश्वत राशि के साथ गिरफ्तार किया था। आरोप था कि मामला दर्ज करने की धमकी देकर दस लाख रुपए मांगे गए।
नारकोटिक्स ब्यूरो के निरीक्षक पर सीबीआई का शिकंजा :
नवंबर 2024 में सीबीआई ने चित्तौड़गढ़ में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के एक निरीक्षक और एक बिचौलिए को रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया था। एक मामले का निपटारा करने के बदले पहले 20 लाख और बाद में आठ लाख रुपए मांगे गए। बिचौलिए को तीन लाख रुपए लेते पकड़ा गया।
नियमानुसार की जाती है कार्रवाई :
एसीबी पीसी एक्ट के तहत लोक सेवक के विरुद्ध शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई करती है।
-गोविंद गुप्ता,
डीजी एसीबी राजस्थान

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