जाम कर रहा सेहत पर वार : बार-बार क्लच-ब्रेक दबाने और गड्ढेदार सड़कों ने घुटनों, कमर और स्पाइन को किया कमजोर
चिकित्सकों के पास आ रहे घुटनों, कमर दर्द और रीढ़ की हड्डी से जुड़े मामले
राजधानी में लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम ने अब सिर्फ समय ही नहीं छीना बल्कि लोगों की सेहत पर भी असर डालना शुरू कर दिया। खासकर कार चालकों को जाम के दौरान बार-बार क्लच और ब्रेक दबाना पड़ता है, जिससे उनके घुटनों में दर्द, खिंचाव, अकड़न और सूजन जैसी समस्याएं बढ़ रही।
जयपुर। राजधानी में लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम ने अब सिर्फ समय ही नहीं छीना बल्कि लोगों की सेहत पर भी असर डालना शुरू कर दिया है। खासकर कार चालकों को जाम के दौरान बार-बार क्लच और ब्रेक दबाना पड़ता है, जिससे उनके घुटनों में दर्द, खिंचाव, अकड़न और सूजन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। वहीं सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे होने से कमर दर्द और स्पाइन से जुड़ी बीमारियां भी तेजी से सामने आ रही हैं। एसएमएस सहित अन्य सरकारी और निजी अस्पतालों की ऑर्थोपेडिक ओपीडी में रोजाना 25 से 30 मरीज ऐसी समस्या से जूझते हुए आ रहे हैं। फिजियोथेरेपी सेंटर्स में भी इन दिनों ऐसे मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है।
ये बीमारियां कर रही परेशान
घुटनों में दर्द और सूजन
ऑस्टियोआर्थराइटिस
लोअर बैक पेन
सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस
स्लिप डिस्क
मसल स्ट्रेन और जकड़न
स्पाइन अलाइनमेंट से जुड़ी समस्याएं
मांसपेशियों पर पड़ रहा अनचाहा दबाव
शहर के प्रमुख चौराहों और मुख्य सड़कों पर जाम अब रोजमर्रा की बात हो गई है। ऐसे में वाहन चालक लंबे समय तक एक ही पोजीशन में बैठे रहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार लगातार ऐसा होने से मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है और जोड़ों की समस्याएं जन्म लेती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि गड्ढेदार सड़कों पर वाहन उछलने से रीढ़ की हड्डी पर झटके पड़ते हैं। इससे पहले से मौजूद कमर या स्पाइन की परेशानी और गंभीर हो जाती है। रोजाना ऑफिस जाने वाले लोग, कैब ड्राइवर और बुजुर्ग चालक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
इन उपायों से मिल सकती है राहत
ड्राइविंग सीट की ऊंचाई और बैक सपोर्ट सही रखें
लंबे जाम में फंसने पर मौका मिले तो गाड़ी से उतरकर हल्की स्ट्रेचिंग करें
क्लच का कम से कम उपयोग करने की आदत डालें, जहां संभव हो न्यूट्रल का इस्तेमाल करें
रोजाना हल्की एक्सरसाइज और योग को दिनचर्या में शामिल करें
कमर और घुटनों के लिए सपोर्ट बेल्ट का इस्तेमाल करें
लगातार दर्द रहने पर डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें।
इनका कहना है
शहर में इन दिनों जाम रोजमर्रा की बात हो गई है। ऐसे में कार में क्लच और ब्रेक बार बार ज्यादा समय तक दबाने से घुटने और मांसपेशियों पर दबाव बढ़ रहा है। साथ ही ज्यादा देर ड्राइविंग करने से कमर दर्द भी बढ़ रहा है। सड़कों पर गड्ढों के कारण रीढ़ की हड्डी और गर्दन से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ रही है। ऐसे में सावधानी बरत कर ही इस समस्या से बचा जा सकता है।
-डॉ. विजय शर्मा, सीनियर ऑर्थोपेडिशयन एंड ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जन, जयपुर।

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