खाचरियावास ने राजस्थान में सरकारी खर्च पर उठाया सवाल, कहा- 1000 करोड़ घोटाला, जनता के लिए योजनाएं फ्लॉप हुई साबित
सरकार ने आईफा के नाम पर 100 करोड़ रुपए खर्च कर दिए
जयपुर। पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने प्रवासी राजस्थान कार्यक्रम को लेकर सरकार पर तंज कसा है। पीसीसी में मीडिया से बातचीत करते हुए खाचरियावस ने कहा कि सरकार ने आईफा के नाम पर 100 करोड़ रुपए खर्च कर दिए, लेकिन फायदा एक पैसे का नहीं हुआ। प्रवासी राजस्थान के नाम पर जनता के पैसे की बर्बादी की गई है, इससे एक पैसे का भी फायदा नहीं होगा। यह केवल बड़े-बड़े पैसे वालों को बुलाते हैं। उन्हें फाइव स्टार होटल में ठहराते हैं और पार्टियां करते हैं, लेकिन फायदा कुछ नहीं होता। प्रवासी राजस्थान कार्यक्रम में मुख्यमंत्री केंद्रीय मंत्रियों को माला पहनाते हैं। केंद्रीय मंत्री मुख्यमंत्री को माला पहनाते हैं, लेकिन जनता को इससे क्या फायदा हो रहा है। इसके बारे में सरकार को बताना चाहिए। राइजिंग राजस्थान समिट फेल हो गया। प्रदेश में एक पैसे का भी इन्वेस्ट नहीं हुआ है। हमारे समय कई जनहित की योजनाएं चलाई गई थी, जिसे इस सरकार ने सत्ता में आते ही बंद कर दिया।
सरकारी स्कूलों में बच्चों को दूध बंद कर दिया है, अगर सरकार के पास इतना ही पैसा है तो बच्चों का दूध वापस से शुरू कर देना चाहिए। मिड डे मिल नहीं मिल रहा है, बच्चों की यूनिफार्म सरकारी स्कूलों में बंद कर दी है। जयपुर मेटल्स के मामले में राज्य सरकार ने 1000 करोड़ का घोटाला किया है। खाचरियावास ने भाजपा सरकार की जनसुनवाई को भी फ्लॉप करार देते हुए कहा कि जनसुनवाई पूरी तरीके से फेल हो गई है, लोगों के काम नहीं हो रहे हैं।

Comment List