महाराणा प्रताप का त्याग और स्वाभिमान देशवासियों के लिए प्रेरणा : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- मातृभूमि की रक्षा के लिए उनका बलिदान सदैव प्रेरणादायक
कभी भी विदेशी दासता को स्वीकार नहीं किया
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महाराणा प्रताप की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। महाराणा प्रताप अदम्य साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रप्रेम के प्रतीक। मातृभूमि की रक्षा में उनका त्याग और संघर्ष प्रेरणादायक।
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप अदम्य साहस, वीरता और राष्ट्र स्वाभिमान के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि मेवाड़ के शेर महाराणा प्रताप ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, लेकिन कभी भी विदेशी दासता को स्वीकार नहीं किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन त्याग, संघर्ष और आत्मसम्मान की अद्वितीय मिसाल है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। घास की रोटी खाना स्वीकार किया, लेकिन मातृभूमि की स्वतंत्रता और स्वाभिमान के लिए मुगलों के सामने सिर नहीं झुकाया। उनका जीवन आज भी देशवासियों को राष्ट्रप्रेम, साहस और स्वाभिमान की प्रेरणा देता है।
भजनलाल शर्मा ने कहा कि महाराणा प्रताप का बलिदान और संघर्ष भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। उनकी वीरता आने वाली पीढ़ियों को सदैव देशभक्ति और मातृभूमि के प्रति समर्पण का संदेश देती रहेगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से महाराणा प्रताप के आदर्शों को अपनाने का आह्वान भी किया।

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