सेना मेडल लेते शहीद की मां बेहोश : सैन्य अधिकारियों ने संभाला, एंबुलेंस से ले जाया गया हॉस्पिटल
कैवेलरी कंटिंजेंट घुड़सवारों का दल भी हुआ शामिल
परेड में 251 आर्मी एविएशन स्क्वॉड्रन की कैप्टन हंसजा शर्मा के नेतृत्व में हेलिना एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का भी प्रदर्शन किया गया। कैप्टन हंसजा शर्मा रूद्र हेलिकॉप्टर की पहली पायलट हैं। भारतीय सेना के लड़ाकू हेलिकॉप्टर सुबह करीब दस बजे जयपुर के महल रोड स्थित परेड में पहुंचे थे।
जयपुर। आर्मी डे परेड के में सेना मेडल लेते समय ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए 1 पैरा स्पेशल फोर्स के जवान लान्स नायक प्रदीप कुमार की मां मंच पर बेहोश हो गईं। इन्हें सैन्य अधिकारियों ने संभाला। उन्हें तुरंत मंच से उतारकर एंबुलेंस से हॉस्पिटल ले जाया गया।
हेलिना मिसाइल का प्रदर्शन
परेड में 251 आर्मी एविएशन स्क्वॉड्रन की कैप्टन हंसजा शर्मा के नेतृत्व में हेलिना एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का भी प्रदर्शन किया गया। कैप्टन हंसजा शर्मा रूद्र हेलिकॉप्टर की पहली पायलट हैं। भारतीय सेना के लड़ाकू हेलिकॉप्टर सुबह करीब दस बजे जयपुर के महल रोड स्थित परेड में पहुंचे थे।
दिव्यास्त्र-शक्ति बाण जैसी यूनिट्स की ताकत भी देखने को मिली
परेड में दिव्यास्त्र और शक्ति बाण जैसी यूनिट्स की ताकत भी देखने को मिली। आधुनिक ड्रोन 400 मीटर से लेकर 400 किलोमीटरए यहां तक कि 800 किलोमीटर तक जाने की क्षमता रखते हैं। ऐसे ड्रोन पूरे युद्ध क्षेत्र में घूमकर जरूरत के मुताबिक स्ट्राइक करने, इन्फॉर्मेशन देने और कार्रवाई करने में सक्षम होते हैं। इसके लिए सेना को नए ऑर्गेनाइजेशन और सुपर स्पेशियलिटी ट्रेनिंग वाले जवानों की जरूरत है, जो टारगेट की पहचान, ऑपरेशन और अपने व दुश्मन के सैनिकों में फर्क
कर सकें।
जयपुर में तीन बड़े इवेंट हुए
जयपुर में गुरुवार को तीन बड़े इवेंट हुए। महल रोड पर 78वें सेना दिवस परेड, जवाहर लाल नेहरु मार्ग पर जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल और सवाई मान सिंह स्टेडियम में शौर्य संध्या। इनके चलते अलग-अलग समय तीनों मार्ग पर रूट डायवर्ट किया गया।
कैवेलरी कंटिंजेंट घुड़सवारों का दल भी हुआ शामिल
आर्मी डे परेड में 61वीं कैवेलरी कंटिंजेंट घुड़सवारों का दल भी शामिल हुआ। 61वीं कैवेलरी वर्ल्ड की एकमात्र एक्टिव घुड़सवार कैवलरी रेजिमेंट है। इसकी स्थापना 1953 में स्टेट फोर्सेज कैवलरी यूनिट्स के एकीकरण से की गई थी। इसे इतिहास में अंतिम घुड़सवार चार्ज का नेतृत्व करने का विशिष्ट गौरव प्राप्त है। एक ओर जहां सड़कों पर सेना ऑफिसर्स परेड को लीड कर रहे थे, वहीं आसमान से फ्लाई पास्ट के जरिए हेलिकॉप्टर से फूलों की वर्षा की गई।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष भी पहुंचे
परेड में भाजपा राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी सहित कई मंत्रियों ने शिरकत की।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
परेड के दौरान जगतपुरा क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मेटल डिटेक्टर से लेकर डॉग स्क्वॉड समेत तमाम तरीके से सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही थी।
दोपहर 1 बजे तक ट्रैफिक डायवट
आर्मी डे परेड को लेकर जगतपुरा के महल रोड क्षेत्र में सुबह 5 बजे से दोपहर 1 बजे तक ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। परेड देखने के लिए केवल उन्हीें लोगों को प्रवेश दिया गया, जिन्होंने पहले से ही रजिस्ट्रेशन करवा रखा था।
टैंक-मिसाइलों के साथ 7 रेजिमेंट ने की परेड
परेड में टैंकों, मिसाइलों और आधुनिक संसाधनों के साथ 7 रजिमेंट की टुकड़ियां शामिल हुई। देश की सबसे पुरानी मद्रास रेजिमेंट अपने खास अंदाज में नजर आई।

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