आजाद की साइकिल को म्यूजियम में प्रदर्शित करने की मांग, दिया कुमारी को सौपा ज्ञापन
ज्योति खंडेलवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय
जयपुर। इस स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की साईकिल और उनके डंडे म्यूजियम में प्रदर्शित करने की मांग को लेकर मंगलवार को प्रतिनिधि मंडल ने उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी को सचिवालय में ज्ञापन दिया। 'चन्द्र शेखर आजाद मंच" के संयोजक मनीष सोनी ने बताया कि उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने इस बारे में अधिकारियों से बात कर शीघ्र ही निर्णय लेने करने का आश्वासन दिया । गौरतलब है कि सन् 1930 में चन्द्र शेखर आजाद चांदपोल स्थित बाबा हरिशचंद्र मार्ग में शिवनारायण मिश्र की अंधेरी गली में कानपुर निवासी अवधेश नारायण शुक्ल की हवेली में गुप्त रूप से दो महीने रहे थे।
इस दौरान चन्द्र शेखर आजाद वेश बदलकर साइकिल से जयपुर में और स्वतंत्रता आंदोलन की गतिविधियों का संचालन करते रहे। काकोरी कांड के बाद अंग्रेज पुलिस आजाद के पीछे लगी हुई थी। तब उन्होंने जयपुर में गुप्त प्रवास किया। एक दिन अंग्रेजी खुफिया तंत्र को उनके जयपुर में होने की सूचना मिली। पुलिस सक्रिय हुई तब रात में आजाद हवेली के पीछे साड़ियों की रस्सी के सहारे उतरकर अवधेश नारायण शुक्ला के साथ कानोता रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। जहां से वह इलाहाबाद के लिए रवाना हुए।
उस समय वे अपनी साइकिल एवं डंडा जयपुर में छोड़ गए थे। शुक्ल खानदान की ममता शुक्ला ने 14 मार्च 2022 को तत्कालीन कैबिनेट मंत्री बी.डी. कल्ला की उपस्थिति में आजाद की यह विरासत साइकिल और डंडा सरकार को सौंप दिया था। यह धरोहर आज भी अल्बर्ट हॉल संग्रहालय के गोदाम में रखी है। उपमुख्यमंत्री को ज्ञापन देने के बारे में पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया था। बैठक में जय भारत जन चेतना मंच अध्यक्ष विक्रम सिंह तंवर, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के उस्मान खान चौहान, राजस्थान शिक्षा महाविद्यालय निदेशक अंशुमान शास्त्री, इतिहासकार शिव सिंह पालावत, राजस्थानी कवि कल्याण सिंह शेखावत आदि नागरिक उपस्थित थे।

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