राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस : ब्यूरोक्रेसी में नारी शक्ति, महिला अफसरों पर बढ़ता सरकार का भरोसा
राजस्व जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी भी बखूबी निभा रही
राज्य की ब्यूरोक्रेसी में महिलाओं की भागीदारी नारी शक्ति की तस्वीर पेश करती है, जहां एक ओर महिलाओं को राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण देने पर सियासी पारा चढ़ा। वहीं दूसरी ओर प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में महिलाएं अपनी क्षमता और नेतृत्व से मजबूत पहचान बना रही।
जयपुर। राज्य की ब्यूरोक्रेसी में महिलाओं की भागीदारी नारी शक्ति की तस्वीर पेश करती है, जहां एक ओर महिलाओं को राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण देने पर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। वहीं दूसरी ओर प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में महिलाएं अपनी क्षमता और नेतृत्व से मजबूत पहचान बना रही हैं। महिलाओं ने केवल आईएएस-आईपीएस और आरएएस परीक्षा पास कर पद ही नहीं लिया है, बल्कि वर्तमान में वे चिकित्सा, बिजली, खान, पर्यटन, कृषि, बजट और राजस्व जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी भी बखूबी निभा रही हैं।
प्रदेश में वर्तमान में 282 आईएएस अधिकारियों में से 67 यानी 23.75 प्रतिशत महिलाएं हैं। वहीं 211 आईपीएस अधिकारियों में 34 यानी 16.11 प्रतिशत और 977 आरएएस अधिकारियों में 302 यानी 30.91 प्रतिशत महिलाएं कार्यरत हैं। आमजन की सरकारी योजनाओं की प्लानिंग, क्रियान्वयन और सुशासन में अहम भूमिका निभाकर साबित कर रहीं है। सशक्त नारी-सशक्त प्रशासन देने की उनकी क्षमताएं हैं।
महिला आईएएस: चिकित्सा, बिजली, पर्यटन, कृषि, बजट व खजाने को भरने जैसे बड़े काममें जुटी हैं
अर्पणा अरोड़ा: 1993 बैच की एसीएस स्तर की आईएएस हैं। प्रदेश में खनन और पेट्रोलियम विभाग का बड़ा जिम्मा है।
श्रेया गुहा: 1994 बैच की एसीएस स्तर की आईएएस हैं। एचसीएम रीपा की डीजी और आरएफसी की एमडी हैं।
रोली सिंह: 1994 बैच की सीनियर आईएएस, दिल्ली में नेशन एथोरिटी कैमिकल वैपन कनवेंशन की चैयरपर्सन हैं।
गायत्री ए.राठौड: 1997 बैच की प्रमुख सचिव स्तर की आईएएस, प्रदेश के हेल्थ विभाग का बड़ा जिम्मा संभाल रही हैं।
मुग्धा सिन्हा: 1999 बैच की आईएएस, दिल्ली में देश के पर्यटन विकास निगम की एमडी हैं।
मंजू राजपाल: 2000 बैच की प्रमुख सचिव स्तर की आईएएस, कृषि और उद्यानिकी विभाग का बड़ा जिम्मा।
पूनम: 2005 बैच की सचिव स्तर की अफसर, महिला एवं बाल विकास विभाग संभाल रहीं।
आरती डोगरा: 2006 बैच की आईएएस हैं, प्रदेश में बिजली तंत्र, आपूर्ति-वितरण का काम उनके जिम्मे है।
आनंदी: 2007 बैच की आईएएस हैं, कर्मशियल टैक्स विभाग आयुक्त हैं। सरकारी खजाने को टैक्स कलेक्शन सेभरने का बड़ा जिम्मा है।
शुचि त्यागी: 2007 बेच की आईएएस हैं, प्रदेश में पर्यटन, कला-संस्कृति, देवस्थान का जिम्मा है।
शिवांगी स्वर्णकार: 2011 बैच की आईएएस हैं, प्रदेश के बजट बनाने में सहयोगी के रूप में विशेष सचिव।
महिला आईपीएस: पुलिस आधुनिकरण, भ्रष्टाचार रोकने के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा का बड़ा जिम्मा
मालिनी अग्रवाल: 1994 बैच की डीजी रैंक की आईपीएस अफसर हैं।
डॉ.प्रशाखा माथुर: 1995 बैच की एडीजी रैंक की आईपीएस, पुलिस में प्लानिंग, आधुनिकरण का काम है।
स्मिता श्रीवास्तव: 1995 बैच की एडीजी रैंक की आईपीएस, एसीबी में भ्रष्टाचार पर अंकुश का बड़ा काम है।
सत्यप्रिया सिंह: 1999 बैच की एडीजी रैंक की आईपीएस, दिल्ली में आईबी में संयुक्त निदेशक हैं।
लता मनोज कुमार: 2000 बैच की एडीजी रैंक की आईपीएस, एंटी ह्युमन ट्रेफिकिंग, सिविल राइट्स, कम्यूनिटी पुलिसिंग का काम है।

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