नवनेरा-गलवा-बीसलपुर-ईसरदा लिंक परियोजना: अवाप्त भूमि पर खेती नहीं करें काश्तकार, मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया जारी
सार्वजनिक प्रयोजन के लिए राज्यहित में अवाप्त
जयपुर। नवनेरा-गलवा-बीसलपुर-ईसरदा लिंक परियोजना के तहत नवनेरा बैराज के डिलीवरी सिस्टर्न से मेज एनीकट तक फीडर निर्माण के लिए अवाप्त की गई भूमि पर अब काश्तकार कृषि गतिविधियां नहीं कर सकेंगे। राजस्थान वाटर ग्रिड कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से प्रभावित भूमि हितधारकों को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं। परियोजना के तहत बूंदी जिले के गुहाटा, कोटाखुर्द, लबान, दहीखेड़ा, डपटा, रामगंज और खरायता गांवों में भूमि अवाप्त की गई है। भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के तहत उपखंड अधिकारी, लाखेरी ने 28 मई 2025 को अवार्ड जारी किया था।
इसके बाद प्रभावित खातेदारों को मुआवजा भुगतान किया जा चुका है, जबकि शेष मुआवजे के भुगतान की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। राजस्थान वाटर ग्रिड कॉरपोरेशन लिमिटेड, ने स्पष्ट किया कि मुआवजा प्राप्त कर चुके और मुआवजा नहीं लेने वाले, दोनों श्रेणियों के भूमि हितधारक अवाप्त भूमि पर खेत तैयार करने, जुताई करने, खाद-बीज डालने तथा फसल बोने या उगाने जैसी गतिविधियां नहीं करें। विभाग की ओर से पूर्व में भी समय-समय पर इस संबंध में सूचित किया जाता रहा है। यह भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए राज्यहित में अवाप्त की गई है।

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