Asian Games 2026: जन्मदिन पर लवलीना ने गोल्ड जीत रचा इतिहास, 12 सालों का इंतजार खत्म
चीन की बाओ ज़ियी को रोमांचक मुकाबले में हराया
आइची-नागोया। भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने शुक्रवार को एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए चीन की बाओ ज़ियी को हराकर महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। इसी के साथ वह एशियाई खेलों का खिताब जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गईं। आज यहां 28 वर्षीय भारतीय मुक्केबाज, जिन्होंने पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था, ने इस बार कड़े मुकाबले में अजेय चीनी मुक्केबाज के खिलाफ अपना संयम बनाए रखा और आखिरकार अपने एशियाई खेल अभियान को स्वर्ण पदक में बदल दिया।
लवलीना ने अच्छी शुरुआत की और जजों के स्कोरकार्ड पर पहला राउंड 3-2 से अपने नाम किया। बाओ ने दूसरे राउंड में जोरदार वापसी की, दूरी कम की और अपरकट से हमला किया, लेकिन लवलीना ने राउंड के आखिर में वापसी की और अपनी बढ़त बनाए रखी। पांच में से चार जजों ने उनके पक्ष में स्कोर दिया। भारतीय मुक्केबाज ने बाकी मुकाबलों के दौरान भी अपना संयम बनाए रखा और स्वर्ण पदक पक्का किया।
इस जीत के साथ लवलीना एशियाई खेलों में भारतीय महिला मुक्केबाजी चैंपियन के खास क्लब में शामिल हो गईं। मैरी कॉम यह खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला थीं, जिन्होंने 2014 में स्वर्ण पदक जीता था। लवलीना ने कजाकिस्तान की नतालिया बोगदानोवा के खिलाफ 3-2 के रोमांचक 'स्प्लिट-डिसीजन' से जीत हासिल करके फाइनल में जगह बनाई थी। उस सेमीफाइनल में वह शुरुआत में पीछे चल रही थीं, लेकिन बाद में वापसी करते हुए स्वर्ण पदक मुकाबले में अपनी जगह पक्की की। एशियाई एलीट चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता बाओ फाइनल में अजेय एमेच्योर रिकॉर्ड और 14-0 के स्कोर के साथ उतरी थीं, लेकिन लवलीना ने इस चुनौती को पार करते हुए अपने एशियाई खेल अभियान का सबसे बड़ा पदक जीता।

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