अब ब्लॉकचेन से होगा बीज कंपनियों का फेसलेस पंजीकरण, किसानों तक जल्दी पहुंचेंगी उन्नत किस्में
किसानों को होगा सीधा फायदा
जयपुर। प्रदेश में कृषि क्षेत्र को डिजिटल तकनीक से जोड़ते हुए बीज कंपनियों के पंजीकरण की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब नई बीज किस्मों के पंजीकरण के लिए कंपनियों को कृषि विभाग के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राज्य सरकार ब्लॉकचेन तकनीक आधारित ऑनलाइन, कॉन्टैक्टलेस और फेसलेस पंजीकरण प्रणाली शुरू करने जा रही है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सुरक्षित और तेज होगी एवं अगस्त माह में इसे लागू करने की तैयारियां की है। कृषि विभाग ने इस नई व्यवस्था के लिए डीओआईटी जयपुर एवं कानपुर आईआईटी विशेषज्ञ राज किसान साथी पोर्टल की तकनीकी टीम के साथ मिलकर विशेष सॉफ्टवेयर मॉड्यूल तैयार कर रहे हैं। इसके जरिए बीज कंपनियों के प्रतिनिधि बिना व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए अपनी विकसित नई बीज किस्मों का पंजीकरण ऑनलाइन करा सकेंगे। कार्यशाला में नेशनल सीड एसोसिएशन ऑफ इंडिया, राजस्थान राज्य प्रमाणित बीज उत्पादक एसोसिएशन, राजस्थान एग्रीकल्चर इनपुट डीलर्स एसोसिएशन, हाड़ौती बीज उत्पादक एसोसिएशन, राज्य कृषि विश्वविद्यालयों, काजरी जोधपुर, बीज प्रमाणीकरण संस्था, बीज निगम, बीज प्रयोगशालाओं और विभिन्न बहुराष्ट्रीय व राज्य स्तरीय कंपनियों के प्रतिनिधियों सहित विशेषज्ञों ने भाग लिया।
किसानों को होगा सीधा फायदा :
नई प्रणाली लागू होने के बाद उन्नत बीज किस्मों का विकास सरकारी अनुसंधान फार्मों तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा पंजीकृत अनुसंधान एवं विकास केन्द्रों में वैज्ञानिकों की निगरानी में होगा। राज्य स्तरीय बीज उप समिति इन किस्मों की अनुशंसा केन्द्रीय बीज समिति को भेजेगी, जिससे अधिक किस्मों को गजट अधिसूचित कराया जा सकेगा।

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