गोविन्द देव जी मंदिर में निकली रथयात्रा, हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
प्रातः 6 बजे से भव्य रथयात्रा का आयोजन
जयपुर। गोविन्द धाम स्थित ठिकाना मंदिर श्री गोविन्द देवजी महाराज में आषाढ़ शुक्ल दूज के अवसर पर गुरुवार को प्रातः 6 बजे से भव्य रथयात्रा का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत मंगला झांकी से पूर्व ठाकुर श्रीजी के पंचामृत अभिषेक एवं वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुई।
इस अवसर पर ठाकुर श्रीजी को लाल रंग की विशेष लप्पा पोशाक, सिरपेच एवं आकर्षक अलंकारों से सुसज्जित किया गया। प्रातः 6 बजे गौड़ीय वैष्णव मण्डलियों और मंदिर परिकर जनों द्वारा महामंत्र संकीर्तन आरंभ किया गया। इसके पश्चात श्रीमन्माध्व गौड़ेश्वराचार्य महंत श्री अंजन कुमार गोस्वामी ने ठाकुर श्री गौर गोविन्द जी को चांदी के रथ पर विराजमान कराया
रथयात्रा के दौरान मंदिर की चार प्रदक्षिणाएं कराई गईं तथा जगमोहन से श्री गौर गोविन्द जी के वर्ष में एक बार होने वाले दुर्लभ दर्शन श्रद्धालुओं को प्राप्त हुए। इसके बाद ठाकुर श्री गौर गोविन्द जी को रथ सहित पुनः गर्भगृह में विराजमान किया गया और धूप आरती के दर्शन खोले गए।
पावन अवसर पर ठाकुर श्रीजी को छह प्रकार की दालों का भिजौना, ऋतु फल एवं लड्डुओं का विशेष भोग अर्पित किया गया। मंदिर परिसर में हजारों की संख्या में पहुंचे भक्तों ने रथयात्रा और विशेष श्रृंगार के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
मंदिर परंपरा के अनुसार श्री गौर गोविन्द जी को साक्षात श्रीमन गौरांग महाप्रभु का स्वरूप माना जाता है। मान्यता है कि श्री गोविन्द देवजी के प्राकट्य के समय गौरांग महाप्रभु ने अपने शक्तिसंचार से इस विग्रह को दिव्य स्वरूप प्रदान किया था, जिसे बाद में श्री काशीश्वर पंडित द्वारा वृंदावन लाकर श्री गोविन्द देवजी के पार्श्व में स्थापित किया गया।

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