शिक्षा विभाग के एसीएस यादव निकले स्कूलों के निरीक्षण पर, भवनों की छत पर चढ़कर देखे हालात
जलभराव से कमजोर होते हैं भवन
जयपुर। शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव बुधवार सुबह सवा आठ बजे ही सरकारी स्कूलों का हाल जानने निकले। करीब दस घंटे उन्होंने कई स्कूलों के हालात देखे। स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की स्थिति, स्कूल की छत और प्ले ग्राउण्ड सहित अन्य व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। यादव सिविल इंजीनियर हैं, इसलिए उन्होंने एक-एक कमरे में जाकर समसा की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर मुआयना किया। उन्होंने बस्सी के सरकारी स्कूलों से दौरे की शुरूआत की। बाद में दौसा के अनेक स्कूलों में पहुंचे। उन्होंने पाया कि सरकारी स्कूलों में सीढ़ियां नहीं बनाए जाने के कारण बरसात के दिनों में छत पर पानी भर जाता है, इस कारण भी छत कमजोर हो जाती हैं। यादव निरीक्षण के दौरान केवल अधिकारियों से जानकारी लेने तक ही सीमित नहीं रहे बल्कि स्वयं विद्यालय भवनों की छतों पर चढ़कर निर्माण गुणवत्ता का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भवनों की नींव एवं छत पर वर्षा के दौरान जलभराव की स्थिति नहीं बननी चाहिए।
किन स्कूलों का हुआ निरीक्षण :
बस्सी ब्लॉक में उन्होंने राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, त्रिलोकपुरा, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, कल्याणपुरा, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, कल्याणपुरा तथा राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, सुजानपुरा का निरीक्षण किया।
निर्माणाधीन विद्यालय भवन का अवलोकन :
दौसा जिला स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भण्डाना एवं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पालावास का औचक निरीक्षण किया। गड़बड़ी पाए जाने पर नॉन डिस्ट्रक्टिव टेस्ट (एनडीटी) कराने के निर्देश दिए।
जलभराव से कमजोर होते हैं भवन :
आज दिनभर स्कूलों भवनों का निरीक्षण किया, यह भी देखा कि स्कूल में सीढ़ियां नहीं होने से छतों पर पानी जमा हो जाता है, इससे भवन कमजोर हो जाता है। छत से पानी का निकास नहीं हो पाता है। सरकारी सरकारी भवनों के दुरूस्तीकरण, नए भवन बनाने की तैयारी में जुटी हुई हैं।
-राजेश यादव, अतिरिक्त मुख्य सचिव, शिक्षा।

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