पुष्य नक्षत्र पर गणेश मंदिरों में हुआ पंचामृत अभिषेक, प्रथम पूज्य को 1008 मोदक किए अर्पित
केवड़ा जल, गुलाब जल, केवड़ा इत्र एवं गुलाब इत्र से अभिषेक
जयपुर। पुष्य नक्षत्र पर शहर के गणेश मंदिरों में विघ्न विनाशक भगवान श्री गणेश का भव्य पंचामृत अभिषेक हुआ। मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में प्रात: 8 बजे भगवान श्री गणेश का गंगाजल से स्नान कराया। इसके बाद केवड़ा जल, गुलाब जल, केवड़ा इत्र एवं गुलाब इत्र से अभिषेक किया। बाद में 151 किलो दूध, 21 किलो दही, 54 किलो घी, 21 किलो बूरा, शहद और अन्य पवित्र द्रव्यों से पंचामृत अभिषेक किया। मंहत कैलाश शर्मा ने बताया कि गंगाजल से स्नान कराकर, ग्यारह बजे भगवान श्री गणपति के सहस्त्रनाम के साथ1008 मोदक अर्पित किए। अभिषेक के बाद मंदिर में दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं को रक्षा सूत्र वितरित किए।
परकोटा गणेश मंदिर : 1008 मोदक की लगाई आहुति
चांदपोल परकोटा गणेश मंदिर पुष्य नक्षत्र के मौके पर भगवान का पंचामृत अभिषेक हुआ। महंत पंडित अमित शर्मा के सानिध्य मे 101 किलो दूध व पंचामृत से अभिषेक किया। विघ्न विनाशक का दूध, दही, शहद, गंगाजल, केवड़ा, गुलाब जल और केसर जल से गणेश जी महाराज का अभिषेक किया। गणपति सहस्त्रनामावली से हवन कर 1008 मोदक की आहुति दी।
नहर के गणपति का दुर्वामार्जन से अभिषेक :
इसी तरह दाहिनीं सूंड़ दक्षिणमुखी श्री नहर के गणेशजी महाराज के मंदिर में गणपतिजी महाराज का मंदिर परिवार ने दूर्वा मार्जन से पंचामृत अभिषेक हुआ। मंदिर युवाचार्य पं. मानव शर्मा ने बताया कि प्रात:11 बजे शुभ मुहूर्त में मंदिर महंत पं.जय शर्मा के सान्निध्य में प्रभु गजानंद जी कादूर्वा मार्जन से पंचामृत अभिषेक किया।

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