निकाय चुनाव में महिलाओं को 33 फीसदी ही आरक्षण : नगर निगम पार्षद अब 3.50 लाख, परिषद के लिए 2.50 लाख
पालिका में 1.50 लाख रुपए खर्च की अनुमति
जयपुर। राजस्थान के आगामी निकाय चुनावों में महिलाओं को 33 फीसदी ही आरक्षण मिलेगा। जबकि पंचायत चुनाव में 50 फीसदी। दरअसल प्रदेश में वर्ष 2008 में नगरपालिका एक्ट और पंचायती राज एक्ट में संशोधन कर तत्कालीन सरकार ने चुनावों में 50-50 फीसदी सीटों पर महिला आरक्षण कर दिया था। लेकिन 2010 में निकायों के महिला आरक्षण को कोर्ट में चुनौती दी गई। जिस पर 19 मई 2010 को कोर्ट ने नगरपालिका एक्ट में निकायों में 50 फीसदी महिला आरक्षण के प्रावधान को निरस्त कर दिया। हालांकि पंचायती राज एक्ट में यह 50 फीसदी महिला आरक्षण बरकरार रहा। ऐसे में अब निकाय चुनाव में महिला आरक्षण 33 फीसदी ही रहेगा। विधि विशेषज्ञों के अनुसार अगर आरक्षण को 50 फीसदी करना है तो संविधान के अनुच्छेद 243 डी में संशोधन करना होगा, जो फिलहाल संभव नहीं लग रहा है। हालांकि दूसरे कई राज्यों में निकायों में भी 50 फीसदी आरक्षण है।
आगामी नगरीय निकाय चुनावों से पहले राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रत्याशियों के चुनावी खर्च की सीमा बढ़ा दी है। नगर निगम और नगर परिषद पार्षद प्रत्याशियों को अब पहले के मुकाबले एक लाख रुपए अधिक खर्च करने की अनुमति होगी। नगर पालिका पार्षद की सीमा में 50 हजार रुपए की बढ़ोतरी की गई है।
मतदान के दिन वाहन के लिए अनुमति जरूरी :
आयोग के दिशा निर्देशों के अनुसार मतदान के दिन चुनावी कार्य के लिए वाहन इस्तेमाल करने पर प्रत्याशी को अलग से अनुमति लेनी होगी। चुनाव प्रचार में वाहनों के इस्तेमाल को लेकर भी आयोग की निर्धारित व्यवस्था लागू रहेगी।
किस निकाय में कितनी खर्च सीमा :
निकाय पुरानी सीमा नई सीमा बढ़ोतरी
नगर निगम 2.50 ताख 3.50 लाख 1 लाख
नगर परिषद 1.50 लाख 2.50 लाख 1 लाख
नगर पालिका 1 लाख 1.50 लाख 50 हजार
चुनाव कार्यालय में लाउडस्पीकर पर रोक :
प्रत्याशियों के चुनाव कार्यालयों पर लाउडस्पीकर लगाने पर प्रतिबंध रहेगा। आयोग का उद्देश्य चुनावी खर्च और प्रचार गतिविधियों पर निगरानी रखते हुए सभी प्रत्याशियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना है।

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