पीकेसी-ईआरसीपी : विभाग का दावा, पंप हाउसों से छोड़ा जाएगा 14 हजार क्यूसेक पानी

बिजली की जरूरत तय

पीकेसी-ईआरसीपी : विभाग का दावा, पंप हाउसों से छोड़ा जाएगा 14 हजार क्यूसेक पानी
पंप हाउसों से करीब 14 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। इसके लिए करीब 680 मेगावाट बिजली की जरूरत होगी। नवनेरा को 180, मैज बैराज को 213, गलवा को 64 और अन्य पंप हाउसों को भी तय क्षमता के अनुसार बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।

जयपुर। पीकेसी-ईआरसीपी परियोजना के तहत 17 जिलों में पेयजल पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर विद्युत तंत्र विकसित किया जा रहा है। जल संसाधन विभाग का दावा है कि परियोजना के पंप हाउसों से करीब 14 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा, जो इंदिरा गांधी नहर से भी अधिक बताया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश के बड़े पाइप लगाए जा रहे हैं और पंप हाउसों को विद्युत तंत्र से जोड़ने की समय-सीमा भी तय कर दी गई है।

विद्युत निगम की तकनीकी टीम के साथ हुई बैठकों के बाद पंप हाउसवार बिजली की जरूरत तय की गई है। नवनेरा में 180 मेगावाट, मैज बैराज में 213, गलवा में 64, ईसरदा में 15, चाकसू में 9, कानोता में 45, खुरा चैनपुरा में 65, टोरडी सागर में 23, लांबा हरिसिंह में 36 और भीम सागर में 30 मेगावाट बिजली की आवश्यकता रहेगी। इन पंप हाउसों की कुल जरूरत करीब 680 मेगावाट है।

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