झील की टूटी पाल : नेपाल बदहाल, विनाश का क्रूर चेहरा
त्रिशूली ऊर्जा परियोजना में फंसे 63 लोगों को बचाया
काठमांडु। नेपाल में कुदरत का कहर थमने का नाम ही नहीं ले रहा। शुक्रवार को भोटेकोशी नदी के ऊपरी हिस्से में बनी झील के फटने का खतरा बना हुआ है। हालांकि प्रभावित इलाकों को खाली करा लिया गया है जिससे जनहानि का खतरा कम है। लेकिन राहत कार्यों को रोकना पड़ा। इस बीच विनाशकारी बाढ़ के बाद वहां करीब 320 भारतीय नागरिक लापता हैं जबकि 21 भारतीय नागरिकों को अब तक सुरक्षित स्वदेश लाया गया है। इस विनाशकारी आपदा में अब तक 587 लोगों की मौत हुई है और 1900 से ज्यादा लोग लापता हैं।
त्रिशूली ऊर्जा परियोजना में फंसे 63 लोगों को बचाया
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को बताया कि गुरुवार को त्रिशूली ऊर्जा परियोजना में फंसे 63 लोगों को बचाया गया था। काठमांडू में भारतीय राजदूत ने उनसे मुलाकात की है। इसके अलावा 96 भारतीय नागरिक चीन के क्षेत्र से जमीन के मार्ग से नेपाल की ओर सुरक्षित पहुंच चुके हैं। इन सभी को स्वदेश लाने के लिए सरकार व्यवस्था कर रही है।
चीन के इलाके में 400 भारतीय फंसे
जायसवाल ने कहा कि चीन के क्षेत्र में अभी भी करीब 400 भारतीय नागरिक हैं लेकिन वे सभी सुरक्षित हैं और उनके परिजनों तथा भारतीय दूतावास से उनकी बात हुई है क्योंकि वहां मोबाइल नेटवर्क काम कर रहा है। उस क्षेत्र में भी भूस्खलन हुआ है और रास्तों के खराब होने के कारण इनके आने में समय लग सकता है। सरकार इन्हें स्वदेश लाने की व्यवस्था कर रही है।
राहत कार्य फिर शुरू
उधर, काठमांडू से मिली खबरों के अनुसार, शुक्रवार को राहत कार्य फिर शुरू कर दिया गया। राहत कार्यों में मुख्य रूप से हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, शुक्रवार अपराह्न तीन बजे तक नेपाल में 547 और तिब्बत क्षेत्र में 5 शव बरामद किए जा चुके हैं।
चितवन में सबसे ज्यादा तबाही
चितवन में स्थिति विशेष रूप से गंभीर है। शुक्रवार दोपहर तक वहां 221 शव बरामद किए जा चुके थे, जबकि जिले के अस्पतालों के शवगृहों में कुल मिलाकर केवल 30-50 शव रखने की क्षमता है। इसके कारण भरतपुर स्थित औद्योगिक उद्यम विकास संस्थान की एक खाली इमारत को अस्थायी शवगृह में बदला जा रहा है।
117 विदेशी पर्यटकों को बचाया
नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, रसुवा के बाढ़ प्रभावित इलाकों से 117 विदेशी पर्यटकों को बचाया गया है। इनमें 85 भारतीय, 16 चीनी, नौ दक्षिण कोरियाई, दो अमेरिकी और दो इतालवी नागरिक शामिल हैं। इन दुर्गम इलाकों से लोगों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जबकि सुरक्षा बल जमीन पर बस्तियों और नदियों के किनारे तलाशी अभियान चला रहे हैं।

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