Rajasthan Budget 2026 : आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों के समग्र विकास के लिए जादुई पिटारा, खेल सामग्री और किट प्रदान करने की घोषणा
22 हजार 746 आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों के समग्र विकास
भजनलाल शर्मा सरकार ने अपने तीसरे बजट में प्रदेश की जनता के लिए घोषणाओं का पिटारा खोल दिया। करीब 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया। बजट में सभी वर्गों का ख्याल रखा गया है। वित्त मंत्री दिया कुमारी ने राजस्थान विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया।
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सरकार ने अपने तीसरे बजट में प्रदेश की जनता के लिए घोषणाओं का पिटारा खोल दिया। करीब 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया। बजट में सभी वर्गों का ख्याल रखा गया है। उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दिया कुमारी ने राजस्थान विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। दस स्तम्भों में बांट कर पेश किए गए करीब दो घंटे 54 मिनट के इस बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कई अहम घोषणाएं की और दावा किया कि हमारी सरकार के विजन से राजस्थान बहुत तेजी से प्रगति करेगा। हमारी सरकार की दूरगामी सोच के साथ बनी नीतियां इस मरू प्रदेश की दशा और दिशा दोनों बदलेगी। वित्त मंत्री ने बजट में आंगनबाड़ी केंद्रों को कई बड़ी सौगातें दी।
आंगनबाड़ियों में मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण सम्बन्धी कार्यो के लिए 246 करोड़
रुपए की लागत से मरम्मत कार्य करवाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में, आगामी वर्ष में 7 हजार 500 आंगनबाड़ियों को 'नन्द घर' के रूप में विकसित करने के लिए 225 करोड़ रुपए का व्यय किया जाएगा। लगभग 3 हजार 800 आंगनबाड़ी केन्द्रों के मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण के कार्य 80 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से करवाए जाएंगे। विद्युत कनेक्शन से वंचित राजकीय भवनों में संचालित 17 हजार 95 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर विद्युत कनेक्शन कराए जाएंगे।
प्रदेश में भरतपुर तथा कोटा में समेकित बाल विकास सेवाएं तथा महिला अधिकारिता कार्यालयों के लिए 'महिला एवं बाल शक्ति संकुल' बनाए जाने प्रस्तावित हैं।
वर्तमान में एसप्रिरेशनल जिलों-करौली, धौलपुर, बारां, जैसलमेर एवं सिरोही में संचालित किशोरी बालिका योजना का विस्तार करते हुए राज्य के समस्त 27 एसप्रिरेशनल ब्लॉक में किशोरी बालिकाओं को पूरक पोषाहार का लाभ दिया जाना प्रस्तावित है। इससे योजनान्तर्गत 50 हजार (पचास हजार) से अधिक बालिकायें लाभान्वित होंगी।
प्रदेश में जरूरतमंद एवं असुरक्षित बच्चों की समुचित देखभाल व संरक्षण की दृष्टि से बाल देखरेख संस्थाओं, ओवजरवेशन होम, चिल्ड्रन होम आदि की स्थापना एवं विकास के कार्य लगभग 50 करोड़ रुपए की लागत से किए जाएंगे। इसमें 40 बाल देखरेख संस्थाओं के भवनों के जीणार्ेद्धार एवं बुनियादी सुविधाओं के कार्य, नवगठित जिलों में बालकों के लिए 25-25 क्षमता के बाल गृह तथा बाल अपचारियों के लिए 50-50 क्षमता के ओवजरवेशन होम स्थापित करने के लिए 27 करोड़ रुपए का व्यय किया जाएगा। बांसवाड़ा, बारां, भरतपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, दौसा, हनुमानगढ़, जोधपुर, कोटा, पाली, प्रतापगढ़, राजसमंद, सीकर एवं उदयपुर में चिल्ड्रन होम के लिए भवन उपलब्ध करवाए जाएंगे, इस पर लगभग 19 करोड़ रुपए का व्यय किया जाएगा। 30 बाल कल्याण समिति एवं 29 किशोर न्याय बोर्ड के भवनों का निर्माण करवाया जाएगा।
राजकीय बौद्धिक दिव्यांग पुनर्वास गृह, जामडोली-जयपुर में बालक व बालिका विंग की क्षमता 125 से बढ़ाकर 250 की जाएगी।
जहाजपुर-भीलवाड़ा में अम्बेडकर बालक छात्रावास, जैतारण-ब्यावर में सावित्राी बाई फूले बालिका छात्रावास, भिनाय-अजमेर में देवनारायण बालक आवासीय विद्यालय, लवाण-दौसा में देवनारायण बालक छात्रावास तथा ठंडी बेरी (पिण्डवाड़ा)-सिरोही में जनजाति बालिका छात्रावास खोले जाएंगे। इसके साथ ही देवनारायण बालिका आवासीय विद्यालय-कोलर (शिवगंज)-सिरोही में विज्ञान संकाय शुरू किया जाएगा।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित 42 आवासीय विद्यालयों के 15 हजार विद्यार्थियों को बेहतर लर्निंग आउटकम तथा उच्चतर शिक्षण संस्थानों में प्रवेश की तैयारी के उद्देश्य से आईआईटी दिल्ली के सहयोग से एआई आधारित 24 गुणा लाइव एकेडमिक मॉनिटरिंग की सुविधा उपलब्ध करवायी जाएगी।
पालनहार योजना से लाभान्वित बच्चों को उच्चतर शिक्षा एवं एम्पलॉयमेंट ऑरियेन्टेड प्रशिक्षण के लिए उनकी रूचि अनुसार विकल्प प्रदान करते हुए इन्ड्रस्ट्री लिंक्ड एम्पलायमेंट अवसर उपलब्ध कराने के लिए विकसित किया जाएगा।
प्रदेश के बारां जिले में निवासरत सहरिया व खैरवा तथा उदयपुर जिले के कथौड़ी जनजाति परिवारों को प्रतिमाह घी, तेल एवं दाल वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाते हुए योजना में पात्रा परिवारों की महिला मुखिया को एक हजार 200 रुपए प्रतिमाह डीबीटी किया जाएगा, इसके लिए 55 करोड़ रुपए का व्यय कर लगभग 38 हजार (अड़तीस हजार) परिवारों को लाभान्वित किया जाएगा।
प्रदेश के जनजातीय युवकों को रोजगार व स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए आंवला, शहद, इमली, महुआ आदि के उत्पादों की प्रोसेसिंग के लिए बांसवाड़ा व उदयपुर जिला मुख्यालयों पर माइनर फोरेस्ट प्रोड्यूस प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
- श्रमिकों के कल्याण एवं रोजगार अवसरों में वृद्धि के लिए श्रम-सेतु मोबाइल एप शुरू किया जाएगा। इसके माध्यम से श्रमिक पंजीकरण, पहचान-पत्र, रोजगार की मांग एवं आपूर्ति के लिए डिजिटल लेबर चौक, कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी तथा बीओसीडब्ल्यू सैस के ऑनलाइन असेसमेंट एवं भुगतान की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
घुमन्तू एवं अर्द्ध-घुमन्तू समुदाय के लिए अस्थायी शिक्षा शिविर
घुमन्तू एवं अर्द्ध-घुमन्तू समुदाय यथा-गाड़िया लोहार, बंजारा इत्यादि एवं मजदूर वर्ग के परिवारों को जीवनयापन के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना पड़ता है। इन परिवारों के बच्चे औपचारिक शिक्षा से वंचित न रह जाए, इस दृष्टि से क्षेत्रों में अस्थायी शिक्षा शिविर संचालित होंगे।
पूर्व सैनिकों के आश्रितों के लिए मेजर शैतान सिंह प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना
पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं, पूर्व सैनिकों की विधवाओं और उनके आश्रितों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रशिक्षण की सुविधा दिए जाने के लिए जोधपुर में मेजर शैतान सिंह कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना की जाएगी। सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं तथा उनके आश्रितों को विभिन्न सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सके, इसके लिए जोधपुर, टोंक, शेरगढ़, फ लौदी, खैरथल, ब्यावर, झुंझुनूं तथा श्रीगंगानगर में सैनिक कॉम्पलेक्स की स्थापना। इसका निर्माण 36 करोड़ की लागत से होगा। एक अप्रेल, 1999 के बाद विभिन्न युद्धों में शहीद हुए सैनिकों के बच्चों-कक्षा एक से 12 में पढ़ने वाले प्रतिभावान पुत्रियों की छात्रवृत्ति 2 हजार, 500 रुपए वार्षिक दी जाएगी।
लर्निंग गेप को पूरा करने के लिए 'पर्सनलाइज्ड लर्निंग लेब्स' की स्थापना
प्रदेश में कक्षा छह से आठवीं तक के विद्यार्थियों के भाषा एवं गणित में लर्निंग गेप को पूरा करने के लिए प्रदेश
के एक हजार विद्यालयों में स्मार्ट लर्निंग इको सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए एआई आधारित पर्सनलाइज्ड लर्निंग लेब्स की स्थापना।
संस्कृत अकादमी अब संस्कृत विभाग के अधीन
राजस्थान संस्कृत अकादमी को संस्कृत शिक्षा विभाग के अधीन लाया जाएगा। अकादमी के अधीन संचालित वेद विद्यालयों में ज्योतिष आदि से सम्बन्धित विषयों की शिक्षा प्रदान की जाएगी। इन विद्यालयों में स्नातक/ शिक्षा शास्त्री पाठ्यक्रम प्रारम्भ होंगे। संस्कृत शिक्षा मंे अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को उच्च अध्ययन के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध कराने के लिए संस्कृत शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तथा शिक्षा शास्त्री पाठ्यक्रम में 500 सीटों की बढ़ोतरी।
अल्पसंख्यक समुदाय के समय पर चुकारा करने पर ब्याज में छूट
अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों को व्यावसायिक एवं तकनीकी शिक्षा के लिए अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास सहकारी निगम से लिए जाने वाले ऋण का समय पर चुकारा किए जाने पर ब्याज दर में दो प्रतिशत छूट।
ग्राम पंचायतों में ओपन जिम
ग्रामीण युवाओं को खेल प्रतियोगिता के लिए तैयार करने के लिए ढाई हजार से अधिक की आबादी वाली ग्राम पंचायतों में ओपन जिम। चयनित खेल स्टेडियम व अकादमियों में पीपीपी मोड और सीएसआर से खेल उपकरण, खेल प्रशिक्षण व खेल मैदानों की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा। क्रीड़ा परिषद् की ओर से संचालित 22 आवासीय खेल अकादमियों में सोलर पैनल लगाए जाएंगे। भरतपुर शहर में बैडमिंटन, टेनिस, क्रिकेट, वॉलीबाल, फु टबाल आदि खेल सम्बन्धी विकास कार्य 15 करोड़ रुपए की लागत से कराए जाएंगे।
चित्तौड़गढ़ में इंदिरा गांधी स्टेडियम पर सिंथेटिक एथेलेटिक ट्रेक
चित्तौड़गढ़ में इंदिरा गांधी स्टेडियम पर सिंथेटिक एथेलेटिक ट्रेक की स्थापना 10 करोड़ रुपए की लागत से की जाएगी। नाथद्वारा-राजसमंद में राणा पुंजा जनजातीय खेल अकादमी की स्थापना। श्री गंगानगर में हैण्डबॉल अकादमी शुरू की जाएगी। खेलों को बढ़ावा दिए जाने लिए राज्य स्तरीय विद्यालयी खेलकूद प्रतियोगिता में प्रति खेल राशि 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपए किया जाना प्रस्तावित है।
महिला उद्यमिता को बढ़ाने के लिए अब एक करोड़
प्रदेश में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की दृष्टि से मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत महिला/एसएचजी को दिए जाने वाले ऋण की सीमा 50 लाख रुपए से बढ़ाकर एक करोड़ रुपए।
11 हजार अमृत पोषण वाटिकाओं का निमाण
ग्राम पंचायतों में आंगनबाड़ी केन्द्रों व स्कूलों में मिड-डे मिल के लिए स्थानीय स्तर पर फ ल, सब्जी आदि उपलब्ध कराने के साथ-साथ महिला एसएचजीएस के आजीविका संवर्द्धन की दृष्टि से 11 हजार अमृत पोषण वाटिकाओं का निमाण। 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण राजस्थान स्टेट अर्ली चाइल्डहुड केयर डवलपमेंट एण्ड एजुकेशन पॉलिसी बनाई जाएगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अर्ली चाइल्डहुड केयर एण्ड एजुकेशन कोर्स कराया जाएगा।
पर्यटन, कला एवं सांस्कृतिक धरोहर
राजस्थान देशी एवं विदेशी पर्यटकों के लिए अग्रणी पसंद है। पर्यटन विकास को गति देने के लिए हमारे द्वारा पर्यटन नीति, 2025 लागू की गयी है। प्रदेश को राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण का केन्द्र बिन्दु बनाने की दिशा में फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति, 2025 भी लागू की गई है। 'विकास भी, विरासत भी' की सोच के साथ राज्य को पर्यटन प्रदेश के रूप में स्थापित करने तथा पर्यटकों के लिए सुविधाएं विकसित किए जाने के लिए पांच हजार करोड़ रुपए से अधिक के कायार्ें के लिए राजस्थान ट्यूरिज्म इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड कैपेसिटी बिल्डिंग फंड (आरटीआईसीएफ) का गठन भी किया गया है। इसी भावना के साथ राजस्थान को वर्ष 2047 तक एक ग्रामीण, वैश्विक व इको ट्यूरिज्म तथा सांस्कृतिक केन्द्र के रूप में विकसित किए जाने के लिए प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं के साथ-साथ हैरिटेज संरक्षण व धार्मिक पर्यटन सम्बन्धी विभिन्न कार्य करवाए जाएंगे। इसमें पर्यटन तथा धार्मिक आस्था की दृष्टि से तनोट-जैसलमेर के समग्र विकास के लिए कॉप्रेहेंसिव प्लान बनाया जाएगा। हैरिटेज शहरों यथा-पुष्कर, खाटूश्यामजी, नाथद्वारा, केशोरायपाटन, डीग तथा चित्तौड़गढ़ में हैरिटेज वॉक वे का 30 करोड़ रुपए व्यय कर निर्माण करवाया जाएगा। जयपुर स्थित आमेर किले एवं सम्पूर्ण आमेर कस्बे में विश्वस्तरीय पर्यटन सुविधाएं यथा-डिजीटल म्यूजियम, सिगनेज, लाइट, पार्किंग आदि के लिए 50 करोड़ रुपए का व्यय किया जाएगा। गढ़ पैलेस-झालावाड़, मंदिर समूह किराडू-बाड़मेर, सरवाड़ किला-अजमेर तथा सुनहरी कोठी-टोंक में संरक्षण एवं जीणार्ेद्धार के कार्य 18 करोड़ रुपए की लागत से करवाए जाएंगे। दौसा जिले के बांदीकुई में संत श्री दुर्बलनाथ जी का पेनोरमा, सिवाना-बालोतरा में वीर दुर्गादास पेनोरमा तथा सलूम्बर में हाड़ी रानी पेनोरमा का निर्माण किया जाएगा।
वीर तेजाजी पेनोरमा, खरनाल-नागौर में विकास कार्य करवाए जाएंगे। एमडीएस विश्वविद्यालय-अजमेर में महर्षि दयानन्द सरस्वती के पेनोरमा का निर्माण किया जाएगा। पर्यटन की दृष्टि से राजसमंद में अन्नपूर्णा माताजी मंदिर से दयाशाह किला तक रोप-वे निर्माण तथा मुखर्जी चौराहे से इरिगेशन पाल होते हुए द्वारिकाधीश मंदिर (लाल बंगला) तक एलिवेटेड/रिंग रोड, पार्किंग आदि के निर्माण के लिए फेसेबिलिटी स्टडी करवाई जाएगी। इसके साथ ही, बाकी माता, रायसर (जमवारामगढ़)-जयपुर के प्राचीन मंदिर में रोप-वे का निर्माण किया जाएगा।
16 लाख महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में लाया गया
राज्य की 16 लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में लाया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने एवं रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने के लिए जिला स्तर पर रुरल वूमेन बीपीओ स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए 100 करोड़ रुपए का व्यय किया जाना प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री लखपति दीदी ऋण योजना में लखपति दीदियों को ब्याज अनुदान पर दिए जा रहे ऋण की सीमा एक लाख रुपए से बढ़ाकर एक लाख, 50 हजार किए जाएंगे। राजीविका के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को सफ ल उद्यमी के रूप में आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक केपिटल की व्यवस्था करने के साथ क्षमता संवर्द्धन बनाने के लिए संभागीय मुख्यालयों पर राज सखी स्टोरर्स प्रारम्भ किए जाएंगे।

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