राजस्थान का बजट कल : इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर होगा फोकस, किसानों और युवाओं को दी जाएगी संतुलित राहत
फ्रीबीज कम और निवेश होगा ज्यादा
राजस्थान की वित्त मंत्री दिया कुमारी बुधवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेगी। केन्द्र सरकार गत एक फरवरी को अपना बजट पेश कर चुकी है। वित्त विभाग के आला अफसर बजट को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
जयपुर। राजस्थान की वित्त मंत्री दिया कुमारी बुधवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेगी। केन्द्र सरकार गत एक फरवरी को अपना बजट पेश कर चुकी है। वित्त विभाग के आला अफसर बजट को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। आर्थिक विशेषज्ञों की इस बजट पर नजर है। उनकी माने तो मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सरकार का यह बजट बड़ा और विकास के लिए केन्द्रीत होगा। इस बजट का आकार 5 लाख 90 हजार करोड़ से 6 लाख एक हजार करोड़ तक रहने की संभावना है। प्रदेश को वित्तीय वर्ष 2026-27 में केन्द्रीय करों की हिस्सेदारी के रूप में 90445 करोड़ मिलेंगे। यह पिछले बजट की तुलना में ज्यादा है, लेकिन प्रतिशत हिस्सेदारी थोड़ा कम यानी 5.926 प्रतिशत है। पिछले साल यह हिस्सेदारी 6.026 फीसदी थी।
किसानों और युवाओं को मिलेगी राहत
इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर फोकस होगा। किसानों और युवाओं को संतुलित राहत दी जाएगी। इसमें फ्रीबीज कम और निवेश ज्यादा होगा। इसमें केन्द्र की नीतियों से पूरी तरह तालमेल रहेगा। उद्योग, रोजगार और आर्थिक विकास को केन्द्रीत होगा। इस बार राज्य सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास और महिला बाल विकास जैसे कार्यक्रमों में खर्च बढ़ा सकती है। राजनीतिक मांगों को ध्यान में रखते हुए किसानों, युवा वोटरो, महिलाओं और स्थानीय मुद्दों पर विशेष प्रावधान हो सकते हैं।
राजकोषीय घाटा 3.8% से 4% के बीच रहने की संभावना
आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार इस बजट में राजकोषीय घाटा 3.8 प्रतिशत से 4 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है। सामाजिक सुरक्षा पर 9 से 10 फीसदी बजट यानी कि 50 हजार करोड़ से 60 हजार करोड़ दिया जा सकता है। ऊर्जा एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर 14 प्रतिशत से 15 प्रतिशत यानी कि 80 हजार करोड़ से 90 हजार करोड़ का बजट दिए जाने की संभावना है। रोजगार एवं उद्योग पर 6 प्रतिशत से 7 प्रतिशत यानी कि 35 हजार करोड़ से 40 हजार करोड़ बजट दिया जा सकता है। कृषि एवं ग्रामीण विकास पर 10 प्रतिशत से 11 प्रतिशत यानी कि 60 हजार करोड़ से 65 हजार करोड़ और शिक्षा पर 17 प्रतिशत से 18 प्रतिशत यानी कि एक लाख करोड़ से एक लाख एक हजार करोड़ तथा स्वास्थ्य पर 8 प्रतिशत से 9 प्रतिशत यानी कि 45 हजार करोड़ से 50 हजार करोड़ का बजट दिया जा सकता है।
इन पर बढ़ोतरी संभव
बजट में शराब पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई जा सकती है। इसके साथ ही स्टाम्प ड्यूटी में भी मामूली बढ़त किए जाने की संभावना है। लग्जरी सेवाओं पर भी शुल्क बढ़ाया जा सकता है।
इनमें राहत संभव
इस बजट में पेट्रोल-डीजल पर हल्की वैट कटौती की जा सकती है। बिजली के बिलों में सीमित राहत मिल सकती है। महिलाओं और गरीबों के लिए सब्सिडी योजनाएं लाई जा सकती है।
ये मिल सकता है युवाओं को : इस बजट में युवाओं के लिए 50 हजार से 75 हजार नई सरकारी भर्तियों की घोषणा की जा सकती है। निजी क्षेत्र में रोजगार को प्रोत्साहन मिल सकता है। स्किल एंड अप्रेंटिसशिप योजनाएं लाई जा सकती है। स्टार्टअप को टैक्स और लोन राहत मिल सकती है।
किसानों को मिलेगी राहत : राज्य सरकार इस बजट में किसानों के लिए नए पैकेज की घोषणा कर सकती है। किसानों के ब्याज में सब्सिडी बढ़ाई जा सकती है। फसल बीमा में भी राज्य के योगदान को बढ़ाया जा सकता है। एमएसपी की कमी को राज्य योजनाओं से भरने की कोशिश की जा सकती है।

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