राजस्थान का पहला बैरियर-लैस हाईटेक टोल सिस्टम शुरू, नई तकनीक लागू होने के बाद अब वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं
देश के चुनिंदा हाईटेक कॉरिडोर में शामिल
जयपुर-दिल्ली हाईवे स्थित मनोहरपुर टोल प्लाजा पर राजस्थान का पहला बैरियर-लैस हाईटेक टोल सिस्टम शुरू। नई तकनीक लागू होने के बाद अब वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वाहन गुजरते ही टोल राशि स्वतः कट जाएगी।
जयपुर। जयपुर-दिल्ली हाईवे स्थित मनोहरपुर टोल प्लाजा पर राजस्थान का पहला बैरियर-लैस हाईटेक टोल सिस्टम शुरू कर दिया गया है। नई तकनीक लागू होने के बाद अब वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वाहन गुजरते ही टोल राशि स्वतः कट जाएगी। इस सिस्टम में अत्याधुनिक लिडार कैमरे और हाईस्पीड ट्रैकिंग तकनीक का उपयोग किया गया है, जो हर वाहन की नंबर प्लेट और फास्टैग की पहचान कर तुरंत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करेगी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अनुसार यदि किसी वाहन के फास्टैग में पर्याप्त बैलेंस नहीं होगा तो संबंधित वाहन मालिक के मोबाइल पर तुरंत ई-नोटिस भेजा जाएगा। 72 घंटे के भीतर भुगतान नहीं करने पर दोगुना जुर्माना वसूला जाएगा। डिफॉल्टर वाहनों का पूरा डेटा केंद्रीय सर्वर पर लगातार मॉनिटर किया जाएगा।
नई व्यवस्था लागू होने से जयपुर-दिल्ली हाईवे पर टोल प्लाजा की लंबी कतारों, ट्रैफिक जाम और ईंधन की बर्बादी में बड़ी कमी आने की उम्मीद है। साथ ही डिजिटल टोलिंग से टोल चोरी और फर्जीवाड़े पर भी प्रभावी रोक लगेगी। हालांकि तकनीकी गड़बड़ी और गलत नंबर प्लेट रीडिंग जैसी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। गलत नोटिस मिलने की स्थिति में वाहन मालिकों को ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी दी जाएगी। मनोहरपुर टोल को देश के चुनिंदा हाईटेक कॉरिडोर में शामिल किया गया है और यदि यह मॉडल सफल रहा तो आने वाले महीनों में राजस्थान के अन्य हाईवे प्रोजेक्ट्स पर भी इसे लागू किया जा सकता है।

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