अवैध खनन को वैध दर्शाकर करोड़ों की राजस्व हानि : एसीबी ने खनिज विभाग के अधिकारियों, क्रेशर मालिकों व ठेकेदारों के खिलाफ दर्ज किया मामला

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण दर्ज

अवैध खनन को वैध दर्शाकर करोड़ों की राजस्व हानि : एसीबी ने खनिज विभाग के अधिकारियों, क्रेशर मालिकों व ठेकेदारों के खिलाफ दर्ज किया मामला
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो राजस्थान ने अवैध खनन को वैध दर्शाकर राज्य सरकार को भारी राजस्व हानि पहुंचाने के मामले में बड़ी कार्रवाई की। एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर एसीबी चौकी भरतपुर इकाई द्वारा प्राथमिक जांच के बाद खनिज विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, क्रेशर मालिकों तथा रॉयल्टी ठेकेदारों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया।

जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), राजस्थान ने अवैध खनन को वैध दर्शाकर राज्य सरकार को भारी राजस्व हानि पहुंचाने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर एसीबी चौकी भरतपुर इकाई द्वारा प्राथमिक जांच के बाद खनिज विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, क्रेशर मालिकों तथा रॉयल्टी ठेकेदारों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। एसीबी को प्राप्त शिकायत में आरोप लगाया गया था कि खनिज विभाग भरतपुर के अधिकारी एवं कर्मचारी, क्रेशर मालिकों और रॉयल्टी ठेकेदारों के साथ मिलीभगत कर बंद पड़ी खदानों के रवन्नों (परमिट) का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर अवैध खनन करा रहे हैं। इन रवन्नों का इस्तेमाल कर अवैध रूप से निकाले गए खनिज को वैध दर्शाया जा रहा था, जिससे सरकार को भारी राजस्व नुकसान हुआ।

प्राथमिक जांच में एसीबी ने पाया कि इस अवैध गतिविधि में निम्न आरोपी शामिल थे— रामनिवास मंगल, तत्कालीन खनिज अभियंता, भरतपुर (वर्तमान में खनिज अभियंता, कोटा)। एसीबी ने खनिज विभाग के अधिकारियों, क्रेशर मालिकों व ठेकेदारों के खिलाफ दर्ज किया मामला वीरेन्द्र कुमार, खनिज कार्यदेशक-द्वितीय
राजेन्द्र सिंह, तत्कालीन खनिज अभियंता
संजू सिंह, तत्कालीन सर्वेयर
भीम सिंह, तत्कालीन कार्यदेशक-प्रथम
अभिषेक तंवर, लीज मालिक
जेपी एण्ड ब्रॉस, क्रेशर मालिक
पारस इन्फ्रा
सीडीएस इन्फ्रा
बालाजी एण्ड कम्पनी
शुभ लाभ स्टोन क्रेशर
रॉयल्टी ठेकेदार मैसर्स देव दशरथ सहित अन्य

जांच में यह प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाया गया कि आरोपियों ने आपसी साठगांठ से लाखों टन खनिज संपदा का अवैध खनन किया तथा बंद खदानों के रवन्नों का दुरुपयोग कर उसे वैध खनन दर्शाया। इस कृत्य से खनिज विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, क्रेशर मालिकों और रॉयल्टी ठेकेदारों ने अपने पद और अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए सरकार को गंभीर राजस्व हानि पहुंचाई। एसीबी द्वारा रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है तथा मामले में अग्रिम अनुसंधान जारी है। एसीबी का कहना है कि जांच के दौरान अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका भी सामने आ सकती है।

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