प्रदेश सरकार एक टाइगर पर 50 लाख कर रही है खर्च
वेतन के तौर पर 24 करोड़ रुपए दिए हैं
केन्द्र और प्रदेश सरकार एक टाइगर पर मिलकर करीब 50 लाख 85 हजार रुपए प्रति वर्ष खर्च कर रही है। दरअसल, प्रदेश के तीनों बाघ अभयारण्यों में अभी करीब 90 बाघ हैं, जिन पर केन्द्र और राज्य सरकार ने मिलकर 45 करोड़, 85 लाख रुपए खर्च किए हैं। जिसमें केन्द्र सरकार ने वर्ष 2021-22 में करीब 21 करोड़, 85 लाख रुपए खर्च किए।
जयपुर। केन्द्र और प्रदेश सरकार एक टाइगर पर मिलकर करीब 50 लाख 85 हजार रुपए प्रति वर्ष खर्च कर रही है। दरअसल, प्रदेश के तीनों बाघ अभयारण्यों में अभी करीब 90 बाघ हैं, जिन पर केन्द्र और राज्य सरकार ने मिलकर 45 करोड़, 85 लाख रुपए खर्च किए हैं। केन्द्र सरकार ने करीब 21 करोड़, 85 लाख रुपए खर्च किए। तीनों बाघ परियोजना में तैनात अधिकारी-कर्मचारियों को राज्य सरकार ने वेतन के तौर पर 24 करोड़ रुपए दिए हैं।
केन्द्र सरकार प्रतिवर्ष एक निश्चित राशि देती है। इस राशि से बाघों के संरक्षण के साथ ही पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन का विकास होता है।
- डॉ. डीएन पाण्डेय, प्रधान मुख्य वन संरक्षक
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