करणी सेना के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता: दो मांगों पर सहमति, आंदोलन में मृतक आश्रित को नौकरी-मुआवजे पर बात, पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई जांच के बाद
वार्ता के बाद विरोध प्रदर्शन फिलहाल स्थगित
जयपुर। करणी सेना के यूजीसी आंदोलन के दौरान एक आंदोलनकारी की मौत के बाद गरमाया माहौल अब बातचीत तक पहुंच गया है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने बुधवार को करणी सेना अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना सहित उनके प्रतिनिधिमंडल को अपने आवास पर बुलाकर बातचीत की। वार्ता में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकुश दाधीच भी मौजूद रहे। बातचीत में मकराना ने तीन मांगे रखी। जिनमें से दो मांगों पर सहमति बनती दिख रही है। हालांकि इसे लेकर अभी स्पष्टत: दोनों पक्षों की ओर से कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन जानकारी के अनुसार मृतक के परिजनों को 21 लाख रुपए सामाजिक स्तर पर एकत्रित कर दिए जाएंगे। साथ ही आश्रित को संविदा पर नौकरी सरकार देगी। पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर अभी सहमति नहीं बनी है। हालांकि मदन राठौड़ और मुकेश दाधीच ने उन्हें आश्वासन दिया है कि आगामी तीन दिन में मामले की पूरी जांच कराई जाएगी। इसमें जो भी अधिकारी दोषी पाया गया, उस पर सेवा नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आन्दोलन स्थगित, समाप्त नहीं किया: मकराना
श्रीराजपूत करणी सेना के अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कहा है कि हमारी सरकार से कोई लड़ाई नहीं हैं, लेकिन जब तक दोषि पुलिस अधिकारियों को निलम्बित नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हमने सरकार को पांच दिन का समय दिया है। यूजीसी की मांग को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मीडिया को बताया कि आंदोलन के दौरान शहीद हुए युवक के परिजनों को नौकरी और आर्थिक सहायता की मांग स्वीकार होने पर हमने फिलहाल अपना आन्दोलन स्थगित किया है, लेकिन समाप्त नहीं किया है।
न्योचित मांगों को पूरी किया जाएगा
ये आखिर जाएंगे कहां, सब अपने ही लोग हैं। वे हमारे साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे हैं। सबक किसे सिखाएंगे। खुद को ही सबक मिलेगा। जहां तक करणी सेना की मांगों का सवाल है इन्होंने अपनी तीन मांगों को रखा है। उन पर सरकार संवेदनशीलता के साथ विचार कर रही है। जो भी न्योचित मांग होगी उसे पूरा किया जाएगा।

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