रूठे बदरा : उमस भरी गर्मी ने बढ़ाई बेचैनी, हाई बीपी, वायरल से लेकर, हार्ट, पेट और त्वचा रोग तक से आमजन परेशान
एसएमएस सहित अन्य अस्पतालों की ओपीडी में 20% तक बढ़े मरीज
जयपुर। प्रदेश में मानसून की रफ्तार थमने और कई दिनों से बारिश नहीं होने के कारण उमस भरी गर्मी लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। दिन में तेज धूप और हवा में 60 से 80 प्रतिशत तक नमी के कारण शरीर का तापमान नियंत्रित रखना मुश्किल हो रहा है। इसका असर अस्पतालों की ओपीडी में साफ दिखाई देने लगा है। ऐसे में वायरल फीवर, गले का संक्रमण, पेट की बीमारियां, डिहाइड्रेशन, हाई बीपी, बैचेनी, त्वचा रोग, एलर्जी और सांस संबंधी समस्याओं के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश नहीं हुई तो मौसमी संक्रमणों के साथ मच्छरजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
एसएमएस अस्पताल में रोजाना बढ़ रहे मरीज :
राजधानी के एसएमएस अस्पताल में इन दिनों मेडिसिन, श्वांस रोग, त्वचा रोग, ईएनटी, गेस्ट्रो, हार्ट आदि की ओपीडी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सामान्य दिनों की तुलना में इन विभागों में 15 से 20 प्रतिशत अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। निजी अस्पतालों में भी पिछले एक सप्ताह में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में 20 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है।
बच्चों और बुजुर्गों को दिक्कत ज्यादा :
चिकित्सकों के अनुसार इस मौसम में सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है। वायरल फीवर, एलर्जी, अस्थमा, पेट के संक्रमण और बच्चों में वायरल इंफेक्शन के मामले तेजी से बढ़े हैं। अधिकांश मरीज तेज बुखार, कमजोरी, लगातार पसीना आने, उल्टी-दस्त, थकान और गले में संक्रमण की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
बुजुर्ग और बच्चे बरतें सावधानी :
इस समय उमस से वायरल संक्रमण, पेट संबंधी बीमारियां और डिहाइड्रेशन के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। पर्याप्त पानी पिएं, स्वच्छ भोजन करें और लक्षण दिखाई देने पर बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें।
-डॉ. पुनीत सक्सेना, सीनियर प्रोफेसर मेडिसिन, एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर।
ये बीमारियां सबसे ज्यादा देखने को मिल रही :
-वायरल फीवर और फ्लू
-सर्दी, खांसी और गले का संक्रमण
-दस्त, उल्टी और फूड पॉइजनिंग
-डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट की कमी
-फंगल स्किन इंफेक्शन और घमौरियां
-एलर्जी और अस्थमा के अटैक
-थकान और बैचेनी, नींद की कमी
उमस से बचाव के आसान उपाय :
-दिनभर में 2 से 3 लीटर पानी या अन्य तरल पदार्थ लें।
-ओआरएस, नारियल पानी और नींबू पानी का सेवन करें।
-बाहर का खुला, बासी और कटे फल खाने से बचें।
-सूती और हल्के कपड़े पहनें।
-अत्यधिक पसीना आने पर कपड़े बदलें।
-बच्चों और बुजुर्गों को धूप व उमस से बचाएं।
-तेज बुखार, सांस फूलना या लगातार उल्टी-दस्त होने पर तुरंत अस्पताल जाएं।

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