ऑल वेदर रिलायबिलिटी का केंद्र बना जयपुर एयरपोर्ट, सर्दियों से अब तक 346 डायवर्ट फ्लाइट्स की सुरक्षित लैंडिंग
एयरलाइन संचालन को भी बड़ी राहत मिल रही
जयपुर। जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट उत्तर भारत के प्रमुख वैकल्पिक (डायवर्जन) एयरपोर्ट के रूप में लगातार अपनी उपयोगिता साबित कर रहा है। अत्याधुनिक कैट-3 बी लाइटिंग प्रणाली और इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) की बदौलत एयरपोर्ट ने सर्दियों के मौसम से लेकर अब तक कुल 346 डायवर्ट फ्लाइट्स का सफलतापूर्वक संचालन किया है।
आंकड़ों के अनुसार, नवंबर से मार्च के बीच घने कोहरे और खराब मौसम के कारण 170 उड़ानों को जयपुर डायवर्ट किया गया, जबकि अप्रैल से 17 जुलाई तक विभिन्न मौसम संबंधी परिस्थितियों के चलते 176 फ्लाइट्स ने जयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की।
दिल्ली एयरपोर्ट पर खराब मौसम, कम दृश्यता अथवा एयर ट्रैफिक दबाव की स्थिति में सबसे अधिक उड़ानों को जयपुर भेजा जाता है। इसके अलावा चंडीगढ़, देहरादून, लखनऊ और अमृतसर जाने वाली कई उड़ानें भी आवश्यकता पड़ने पर जयपुर एयरपोर्ट पर डायवर्ट होती रही हैं।
एयरपोर्ट पर उपलब्ध आधुनिक नेविगेशन सुविधाएं, प्रशिक्षित एयर ट्रैफिक कंट्रोल और बेहतर रनवे इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण जयपुर एयरपोर्ट उत्तर भारत के सबसे भरोसेमंद ऑल वेदर एयरपोर्ट्स में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। इससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होने के साथ ही एयरलाइन संचालन को भी बड़ी राहत मिल रही है।

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