पर्यटक बना रहे हैं स्मारकों को लव वॉल, कहीं आई लव यू, तो कहीं एबीसीडी
इतिहास की इज्जत करना हम सबकी जिम्मेदारी
बच्चों को स्कूलों में एबीसीडी पढ़ते देखा है? बेशक हाँ। लेकिन क्या आपने किसी ऐतिहासिक स्मारक की दीवार पर एबीसीडी लिखी देखी है? यह सुनकर अजीब लगता है, मगर यह सच है। शहर के कई स्मारकों और मॉन्यूमेंट्स पर अब ऐसी लिखाई देखने को मिल रही है।
जयपुर। क्या आपने कभी बच्चों को स्कूलों में एबीसीडी पढ़ते देखा है? बेशक हाँ। लेकिन क्या आपने किसी ऐतिहासिक स्मारक की दीवार पर एबीसीडी लिखी देखी है? यह सुनकर अजीब लगता है, मगर यह सच है। शहर के कई स्मारकों और मॉन्यूमेंट्स पर अब ऐसी लिखाई देखने को मिल रही है। घूमने आए कुछ पर्यटक दीवारों पर अपने नाम, संदेश और यहां तक कि आई लव यू जैसी बातें लिख जाते हैं। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कई बार तो पर्यटकों को ऐसा लिखते हुए पकड़ा भी गया है। ऐसे में वे माफी मांगकर बचने की कोशिश करते हैं। भारतीय ही नहीं, विदेशी पर्यटक भी इस बात पर नाराजगी जताते हैं।
उनका कहना है कि यह इतिहास और संस्कृति के प्रति असम्मान है। ये दीवारें हमारे गौरवशाली अतीत की निशानी हैं, जिन्हें इस तरह बिगाड़ना हमारी ही विरासत को नुकसान पहुंचाना है। पुरातत्व विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे स्मारकों को केवल देखने और समझने जाएं, उन पर लिखावट कर इतिहास को मिटाने का काम न करें। पर्यटन विशेषज्ञ नरेंद्र सिंह का कहना है कि अगर पर्यटकों को किसी से प्यार है तो उसे दर्शाने के लिए किले महलों की दीवारों पर इस तरह से लिखना गलत है। उन्होंने कहा कि दीवारों पर नहीं, दिलों में लिखिए अपना नाम। क्योंकि इतिहास की इज्जत करना हम सबकी जिम्मेदारी है।

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