यूआईटी का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर पीआरसी लेने की कोशिश, परिवहन विभाग ने दिए एफआईआर के आदेश
परिवहन विभाग को प्रमाण पत्र की सत्यता पर संदेह हुआ
जयपुर। फिटनेस सेंटरों में फर्जीवाड़े के मामलों के बाद अब ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों (एटीएस) की प्रक्रिया में भी फर्जी दस्तावेज सामने आने लगे हैं। चित्तौड़गढ़ के मीरा फिटनेस टेस्टिंग सेंटर की ओर से एटीएस की पीआरसी के लिए किए गए आवेदन में यूआईटी चित्तौड़गढ़ का फर्जी प्रमाण पत्र लगाए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, मीरा फिटनेस टेस्टिंग सेंटर के संचालक ने 31 अक्टूबर 2025 को परिवहन विभाग के पोर्टल पर ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन की पीआरसी के लिए आवेदन किया था। आवेदन के साथ 11 मई 2026 की तारीख वाला नगर विकास न्यास (यूआईटी), चित्तौड़गढ़ का एक प्रमाण पत्र भी लगाया गया। दस्तावेज की जांच के दौरान परिवहन विभाग को प्रमाण पत्र की सत्यता पर संदेह हुआ।
विभाग ने यूआईटी चित्तौड़गढ़ से इसकी पुष्टि कराई तो सामने आया कि ऐसा कोई प्रमाण पत्र न्यास की ओर से जारी ही नहीं किया गया था। यानी आवेदक ने प्रमाण पत्र अपने स्तर पर तैयार कर विभाग में पेश किया। परिवहन विभाग ने इसे गंभीर और आपराधिक कृत्य मानते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने मामले में एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। अब चित्तौड़गढ़ आरटीओ की ओर से मीरा फिटनेस टेस्टिंग सेंटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

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