24 जून तक रहेगा पश्चिमी विक्षोभ का असर : जयपुर-कोटा-सीकर सहित कई जिलों में बारिश, श्रीगंगानगर में गिरे ओले
गर्मी से राहत मिली
जयपुर। प्रदेश में प्री-मानसून का असर रविवार को भी कई जिलों में देखने को मिला। इसके असर से जयपुर सहित कोटा, सीकर सहित कुछ जिलों में बारिश हुई। श्रीगंगानगर में बारिश हुई और चने के आकार के ओले भी गिरे। इससे इन जिलों में गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहाना हो गया। राजधानी जयपुर में भी रविवार अल सुबह रिमझिम बारिश का दौर शुरू हुआ जो कि रुक-रुक कर शहर के अलग अलग इलाकों में दोपहर तक जारी रहा। दोपहर बाद शहर में धूप निकल गई और फिर से गर्मी बढ़ गई। जयपुर में शाम को फिर से बादल छा गए। इससे पहले शनिवार को बारां के अटरू में दो इंच से ज्यादा बारिश हुई। इस बीच प्रदेश में रविवार को कई जिलों में तापमान में भी बढ़ोतरी हुई। सबसे अधिक तापमान श्रीगंगानगर में 42 डिग्री दर्ज किया गया। जयपुर में अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग केन्द्र जयपुर के अनुसार राज्य में अगले तीन दिन आंधी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
प्री-मानसून में जमकर बरसे मेघ, 92 प्रतिशत ज्यादा बरसा पानी :
राजस्थान में मानसून की एंट्री सामान्यतया 25 जून के आस-पास होती है। इस साल मानसून के देरी से आने की संभावना है। इस बार प्रदेश में मानसून 30 जून के आस-पास प्रवेश कर सकता है। हालांकि इस साल जून में हो रही प्री-मानसून की अच्छी गतिविधियां रही है। सामान्य तौर पर प्री-मानसून में करीब 23 एमएम बारिश होती है, लेकिन इस साल अब तक 44 एमएम बारिश हो चुकी है जो कि सामान्य से 92 प्रतिशत ज्यादा है। प्रदेश के 30 जिलों में प्री-मानसून में सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड हुई है।
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में भी स्थिति चिंताजनक है और वहां सामान्य से 25% कम वर्षा दर्ज की गई है। इसके विपरीत उत्तर-पश्चिम भारत में स्थिति अन्य क्षेत्रों के मुकाबले काफी बेहतर और सामान्य के करीब बनी हुई है, जहां अब तक केवल 7% की कमी ही देखी गई है।

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