परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच की घोषणा से क्यों बच रही सरकार : युवाओं के साथ न्याय नहीं करना चाहती भाजपा, गहलोत ने कहा- ओएमआर शीट बदलने वाले गिरोह के पकड़े जाने के बाद भी सरकार की चुप्पी चिंताजनक
रपीएससी सदस्य तक को जेल की सलाखों के पीछे भेजकर मिसाल पेश की
आरएसएसबी में ओएमआर शीट बदलने वाले गिरोह के पकड़े जाने के पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन राज्य सरकार की रहस्यमयी चुप्पी चिंताजनक है।
जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (आरएसएसबी) में ओएमआर शीट बदलने के मामले को फिर उठाते हुए कहा कि राज्य सरकार परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच कराने की घोषणा करने से क्यों बच रही है। गहलोत ने अपने बयान में कहा कि क्या भाजपा सरकार युवाओं के साथ न्याय नहीं करना चाहती है। उन्होंने कहा कि आरएसएसबी में ओएमआर शीट बदलने वाले गिरोह के पकड़े जाने के पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन राज्य सरकार की रहस्यमयी चुप्पी चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए 10 करोड़ रुपये जुर्माना और दोषियों की संपत्ति जब्ती जैसा देश का सबसे सख्त कानून बनाया और बिना किसी भेदभाव के आरपीएससी सदस्य तक को जेल की सलाखों के पीछे भेजकर मिसाल पेश की। हमने गड़बड़ी मिलने पर कभी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़कर केवल पूर्ववर्ती सरकारों पर दोष नहीं दिया, बल्कि दोषियों पर कार्रवाई की। गहलोत ने कहा कि अब भाजपा सरकार बताये कि वह अपने कार्यकाल (2024-25) के दौरान हुई परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच कराने की घोषणा करने से क्यों बच रही है।

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