BUS INFURNO : स्कूल बस बनी आग का गोला, बाल-बाल बची 17 मासूमों की जान
13 दिन पूर्व समाप्त हो चुका था फिटनेस सर्टिफिकेट
जैसलमेर। शहर में मंगलवार सुबह एक भयाभय हादसा होंते-होंते टल गया। रोजाना की तरह बच्चों को लेकर जा रही एक निजी स्कूल की बस में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि कुछ ही मिनटों में पूरी बस जलकर कबाड़ बन गई। गनीमत यह रही, कि बस ड्राइवर की सतर्कता के चलते समय रहते सभी 17 बच्चों को बस से बाहर निकाल लिया गया। घटना ने स्कूल वाहनों की सुरक्षा और फिटनेस जांच प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे की है। एसएम पब्लिक स्कूल की बस सुबह 5 बजे पिथला गांव से रवाना हुई थी और रास्ते के विभिन्न स्थानों से 17 बच्चों को पिक कर शहर से लगभग 12 किलोमीटर दूर डाबला रोड स्थित स्कूल की ओर बढ़ रही थी। हादसा सदर थाना इलाके के धऊवा गांव के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरूआती पुलिस जांच के अनुसार, सड़क पर बने एक गहरे गड्ढे में अचानक बस का अगला पहिया आ गया, बस को तेज झटका लगा। इस झटके के तुरंत बाद बस के इंजन वाले हिस्से की वायरिंग में शॉर्ट सर्किट हो गया। शॉर्ट सर्किट होते ही इंजन से तेजी से काला धुआं उठने लगा। देखते ही देखते धुएं ने विकराल रूप ले लिया और इंजन के पास से आग की लपटें निकलने लगीं। हादसे के बाद जब परिवहन विभाग ने बस के दस्तावेजों की पड़ताल की, तो बड़ी लापरवाही सामने आई। जिला परिवहन अधिकारी टीकूराम के अनुसार, शुरूआती जांच में सामने आया, कि इस स्कूल बस का फिटनेस सर्टिफिकेट घटना से ठीक 13 दिन पहले, यानी 29 जुलाई 2026 को ही समाप्त हो चुका था।
सभी मासूमों को सुरक्षित निकाला :
बस चालक द्वारकाराम ने बिना समय गंवाए बस को सड़क किनारे रोक दिया। बिना पैनिक किए उन्होंने तुरंत बस का मुख्य गेट खोला और एक-एक कर सभी 17 बच्चों को तेजी से बाहर निकालना शुरू किया। अचानक धुआं और लपटें उठती देखीं, तो ग्रामीण भी दौड़कर मौके पर पहुंचे। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की 3 गाड़ियां भी घटनास्थल पर रवाना की गईं। फायर फाइटर्स ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।

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