आग का कटला : आंसुओं का कॉम्प्लेक्स, आग से जले सामान को देख रोते रहे व्यापारी
मची अफरा-तफरी
जयपुर। बड़ी चौपड़ स्थित मणिहारों के कटले में गुरुवार सुबह की किरण अफरा-तफरी और भगदड़ के साथ आंसुओं का सैलाब लेकर आई। तीन मंजिला सेठी कॉम्प्लेक्स में अचानक चिंगारी से लगी भीषण आग ने करीब 100 से अधिक परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट ला दिया। आग के बीच कई व्यापारी चीखते नजर आए तो कई ने आग बुझाने में दमकलकर्मियों के साथ रहे। आग लगने के दौरान डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा ने मौके पर पहुंचकर स्थित का जायजा लिया। एएफओ घनश्याम मल्होत्रा ने बताया कि आग बुझाने के लिए शहर के घाटगेट, रामगंज, बनीपार्क, एमआई रोड, बाईस गोदाम, सीतापुरा, मालवीय नगर, आमेर, वीकेआई से दमकल बुलाकर आग पर काबू पाया गया। जहां आग लगी वहां सभी फायर फायटिंग सिस्टम बंद पड़े थे। आग लगने के बाद उठा धुआं सुभाष चौक से चांदपोल तक फैल गया। दमकलकमियों ने आग बुझाने के दौरान प्रेश कम होने के चलते जेट स्प्रे मशीन का उपयोग किया और मैट्रो के हाइड्रेन्ट पानी को काम में लिया।
कांग्रेस नेताओं ने व्यापारियों के लिए की सहायता की मांग :
भीषण आग से करीब 20 दुकानें और गोदाम प्रभावित होने पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत, पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने दुख जताया है। नेताओं ने हादसे में कारोबार और वर्षों की पूंजी गंवाने वाले व्यापारियों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने राज्य सरकार से प्रभावित व्यापारियों के नुकसान का तत्काल आकलन करवाने की मांग की। नेताओं ने कहा कि आग की इस घटना से व्यापारियों को भारी आर्थिक क्षति हुई है। सरकार को पीड़ित व्यापारियों को उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ उन्हें हरसंभव संबल देना चाहिए, ताकि वे दोबारा अपना कारोबार शुरू कर सकें।
4 किमी क्षेत्र में लगा जाम :
आग लगने से करीब चार किलोमीटर का एरिया प्रभावित हुआ। बड़ी चौपड़, जौहरी बाजारए त्रिपोलिया बाजार में जाम के हालात बन गए। आग के कारण एक दुकान की दीवार भी टूटकर गिर गई। सेठी कॉम्प्लेक्स में टॉप पर मालिक आनंद सेठी अवैध रूप से रेस्टोरेंट और होटल बनवा रहे हैं। इसके चलते यहां सुबह वेल्डिंग का काम किया जाता है। इसका स्थानीय लोग और व्यापारी पहले भी विरोध कर चुके हैं, आरोप है कि निगम ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की।इस कॉम्प्लेक्स में करीब 200 दुकानें हैं, जिनमें से 25 दुकानें आग की चपेट में आ गईं। थानाप्रभारी राकेश ख्यालिया ने बताया कि आग बहुत ज्यादा फैल गई थी। दुकान और कुछ गोदाम के बीच दीवार बना दी थी, इससे वेंटिलेशन प्रोपर नहीं होने के कारण आग बुझाने के लिए संबंधित कर्मचारी वहां तक पहुंच नहीं पा रहे थे। यहां कॉस्मेटिक और कपड़ों की दुकानें हैं, इनमें आग रुक-रुककर लग रही थी। हमें मजबूरी में थोड़ी तोड़फफेड़ करनी पड़ी।
बिना जांच फायर एनओसी दी :
मौके पर पहुंचे हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि मुझे पता चला है कि यहां अवैध रूप से होटल का निर्माण किया जा रहा है, उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। जिन जिम्मेदार अधिकारियों ने बिना जांच के फायर एनओसी दी, उस अधिकारी पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन में करोड़ों रुपए स्मार्ट सिटी के नाम पर दिए गए। किशनपोल विधायक अमीन कागजी ने कहा कि बिना जांच के फायर एनओसी दी जा रही है, जो चिंताजनक है। सरकार से अपील की कि परकोटे में दी गई फायर एनओसी की दोबारा जांच होनी चाहिए।
25 करोड़ का नुकसान, स्थाई फायर सिस्टम की उठी मांग :
भीषण आग लगने से करीब 25 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। गनीमत रही कि सुबह 7:30 बजे हादसा होने से जनहानि टल गई। फोर्टी अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल और जयपुर व्यापार महासंघ महामंत्री सुरेश सैनी ने प्रशासन से संकरे बाजारों में पुरानी पाइपलाइनों को तुरंत चालू करने, बिजली के तारों के जंजाल को अंडरग्राउंड करने और प्रभावित व्यापारियों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। महासंघ ने शहर के बाजारों का फायर ऑडिट कराने और स्थायी अग्निशमन व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।

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