खानपुर-बारां हाइवे : 1.46 करोड़ का बजट मंजूर फिर भी अधूरी सड़क, मार्च 2026 तक पूरा होना था काम
खुदाई और नाममात्र गिट्टी डालकर छोड़ दिया रास्ता
खानपुर। खानपुर बारां मेगा हाइवे पर पर सूमर और खानपुर के बीच से निकल रही, डोबडा व भगवानपुरा को जोड़ने वाला लगभग 7 किलोमीटर लंबा सड़क मार्ग पिछले कई महीनों से अत्यंत दयनीय और बदहाल स्थिति में पड़ा हुआ है, सड़क क्षतिग्रस्त होने पर बजट घोषणा 2025-26 के तहत नॉन पैचेबल सड़कों के निर्माण कार्य के अंतर्गत आने वाले इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के दो हिस्से हैं, जिसमें पहला भाग मेगा हाइवे से डोबडा लगभग 3 किमी (स्वीकृत राशि 62.00 लाख) तथा दूसरा भाग डोबडा से भगवानपुरा लगभग 4 किमी (स्वीकृत राशि 84.05 लाख) शामिल हैं, जिनकी कुल स्वीकृत राशि लगभग 146 लाख रुपए है। विभागीय बोर्ड पर दर्ज विवरण के अनुसार इस सड़क निर्माण कार्य को अक्टूबर 2025 को शुरू किया जाना था और इसे मार्च 2026 तक पूरा किया जाना अनिवार्य था, लेकिन लापरवाही का आलम यह है कि निर्धारित समयावधि बीते लंबा वक्त बीत जाने के बाद भी केवल सड़क को खोदकर और उस पर नाम मात्र की गिट्टी डालकर काम बीच में ही पूरी तरह ठप कर दिया गया है।
ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए बताया कि सड़क को खोदकर महीनों से काम अधूरा छोड़ने के कारण वर्तमान मानसूनीबरसात के मौसम में इस पर जानलेवा बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिनमें गंदा पानी भर गया है। चारों तरफ कीचड़ हो जाने जाने के कारण इस मार्ग पर गुजरने वाले दुपहिया वाहन चालकों का चलना तो दूर, संभलना भी मुश्किल हो गया है और आए दिन वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं।
हालात इतने भयावह और बदतर हो चुके हैं कि इस रास्ते से स्कूली बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और आमजन का पैदल निकलना भी पूरी तरह दूभर हो गया है, जिससे क्षेत्र के करीब 10 से 15 गांवों का संपर्क बाहरी दुनिया से कट गया है और जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त होकर ठप हो गया है। मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना भी दूभर हो गया है। जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। इस गंभीर समस्या को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मनोज नागर, महेश नागर, लेखराज नागर, ओमप्रकाश पोटर, मोहनलाल कुम्हार, बबलू मेहरा और बजरंग लाल गुर्जर सहित समस्त क्षेत्रवासियों ने तीखी नाराजगी जताई है और समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने की गुहार लगाई है।
यह एक ऐसा रोड है जिससे तीन गांव जुड़े हुए हैं और यह मुख्य मार्ग की पगडंडी बनी हुई है जिसके ऊपर से व्यक्ति आते जाते हैं कभी किस को रात में आना पड़ता है तो कभी दिन में और अचानक यदि कोई व्यक्ति बीमार हो जाता है तो उसको रात को भी इसी रोड से निकालना पड़ता है और बहुत ही परेशानी का सामना करना पड़ता है।
-अमर लाल बैरवा, भगवानपुर
निर्धारित समयावधि मार्च 2026 बीत चुकी है, लेकिन मौके पर सिर्फ गड्ढे और कीचड़ के अलावा कुछ नहीं है। इस रास्ते से स्कूली बच्चों और बुजुर्गों का निकलना तो दूर, पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
- जय राम मीणा, ग्रामीण
लापरवाही के खिलाफ क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश है। यदि समय रहते इस सड़क का डामरीकरण शुरू नहीं किया गया, तो ग्रामीणों को मजबूरन कड़ा कदम उठाना पड़ेगा।
- मनोज नागर, ग्रामीण
रास्ते में बड़े-बड़े गड्ढे होने और उनमें गंदा पानी भरने से आए दिन दुपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
- रामहेतार बैरवा, ग्रामीण
इस मार्ग के बदहाल होने से करीब 10 से 15 गांवों का संपर्क बाहरी दुनिया से कट गया है। बरसात के दिनों में हालात इतने भयावह हो जाते हैं कि लोग अपने घरों में कैद रहने को मजबूर हैं।
- ओमप्रकाश पोटर, ग्रामीण
इस सड़क मार्ग का निर्माण कार्य तुरंत प्रभाव से शुरू करवाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को इस समस्या से निजात मिल सके।
- गुमानी शंकर मीणा, ग्रामीण
भगवानपुरा का सड़क निर्माण कार्य जो 2026 में पूरा होना था बारिश के मौसम के कारण फिलहाल बंद है। बारिश और डामर की शॉर्टज समाप्त होने के बाद, तथा बरसात का मौसम खत्म होते ही, कांट्रेक्टर को पाबंद करके इस काम को जल्द से जल्द दोबारा शुरू करवाया जाएगा।
- आरसी मीना, पीडब्लयूडी अधिशासी अभियंता खानपुर

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