एक महीने से हरनावदा फंटा में जलापूर्ति ठप, लीकेज से हजारों लीटर पानी बर्बाद
25 दिनों से घरों तक नहीं पहुंचा पेयजल
करावन । करावन हरनावदा फंटा में पेयजल संकट अब गंभीर रूप ले चुका है। पिछले करीब 25 दिनों से क्षेत्र के कई घरों में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बंद है। भीषण गर्मी और उमस के बीच ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं, जबकि दूसरी ओर मेगा हाईवे पर पाइपलाइन लीकेज के कारण हजारों लीटर पेयजल लगातार सड़क पर बहकर बर्बाद हो रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार डंग मेगा हाईवे के दोनों ओर बिछाई गई पेयजल पाइपलाइन लंबे समय से बंद पड़ी है। विभाग ने पाइपलाइन बिछाने के दौरान सड़क किनारे खुदाई तो करवाई, लेकिन कई स्थानों पर पाइपों को सुरक्षित तरीके से जमीन में दबाने के बजाय खुले में छोड़ दिया। इससे पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई और कई जगहों पर बड़ा लीकेज हो गया। परिणामस्वरूप सड़क पर पानी बह रहा है, जबकि लोगों के घरों तक एक बूंद पानी भी नहीं पहुंच रहा। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या को लेकर जलदाय विभाग के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। इससे ग्रामीणों में विभाग के प्रति गहरा आक्रोश है।
उल्लेखनीय है कि 19 जून को आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पेयजल, बिजली और चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद हरनावदा फंटा में लगातार बनी पेयजल समस्या सरकारी दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मेगा हाईवे के दोनों ओर क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत कर नियमित जलापूर्ति शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो चक्का जाम कर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी।
ठेकेदार की टीम भेजकर लीकेज वाली पाइपलाइन की मरम्मत कराई जाएगी। जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।
- नवीन शर्मा, ठेकेदार, जलदाय विभाग

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