888 में से 229 सैंपल फेल, 10.75 लाख का वसूला जुर्माना
मिलावटखोरों के खिलाफ कार्यवाही
155 प्रकरण न्यायालय में पेश किए अब तक 55 मामलों में निर्णय आ चुका है।
कोटा। जिले में शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत खाद्य विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ व्यापक कार्यवाही देखने को मिली । जनवरी 2025 से मार्च 2026 तक की 15 माह की अवधि में विभाग द्वारा की गई कार्रवाई के आंकड़े चौकाने वाले हैं। इस दौरान विभाग ने कुल 888 नमूने संग्रहित किए, जिनमें से 229 सैंपल फेल पाए गए। मिलावटखोरी के इन मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए विभाग ने अब तक 10 लाख
75 हजार रुपये का जुर्माना वसूला है।
दूध और घी-तेल के नमूनों पर रहा फोकस
खाद्य विभाग की टीम ने इस अवधि में सबसे ज्यादा शिकंजा डेयरी उत्पादों और तेल-घी के कारोबारियों पर कसा। आंकड़ों के अनुसार, विभाग ने दूध के 54 और दूध से निर्मित खाद्य पदार्थों के 203 नमूने लिए। वहीं, मिलावट की आशंका को देखते हुए घी व तेल के 194 सैंपल भरे गए। इसके अतिरिक्त अन्य मिठाइयों के 37 तथा 400 अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। इनमें से बड़ी संख्या में खाद्य सामग्री अमानक पाई गई, जिससे आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा था।
न्यायिक प्रक्रिया में तेजी, 55 में फैसला
नमूनों के फेल आने के बाद विभाग ने केवल नोटिस तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि 155 प्रकरण न्यायालय में पेश किए। विभागीय सक्रियता का ही परिणाम है कि अब तक 55 मामलों में निर्णय भी आ चुका है, जिसमें दोषियों पर भारी आर्थिक दंड लगाया गया है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से मिलावट करने वाले गिरोहों में हड़कंप मचा हुआ है।
25 प्रतिशत से अधिक सेम्पल को मिला चैलेन्ज
कुल लिए गए नमूनों में से लगभग 25.7% नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। जिसको लेकर विभाग की कार्यवाहियों पर मिलावट के विरुद्ध सक्रियता की आवश्यकता को दर्शाता है। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेन्द्र नागर का कहना है कि सेम्पल लेते समय परी तरह गाईड़ लाईन की पालना की जाती है। पूरी टीम मौके पर जाती है। अनुभव व तकनीकी टीम के द्वारा संस्तुति के बाद ही सेम्पल लिया जाता है।
67% में अदालती कार्यवाही
भेजे गये खाद्य पदार्थो के सेम्पल की बात करें तो यहां फेल हुए 229 नमूनों में से 155 मामलों को तुरंत न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है। जाेकि अभी विचारधीन है। ऐसे में विभाग द्वारा कार्यवाहियों के बाद न्यायालय में मामले की चुनौतियाें को लेकर किये गये प्रयासों में भी तेजी देखनें में आयी है। ऐसे में की गयी कार्यवाहियों की बात करें तो अदालत के द्वारा निर्णित मामलों के आधार पर देखा जाए तो औसतन 19,545 का जुर्माना प्रति उल्लंघनकर्ता लगाया गया।
सघन जांच अभियान रहेगा जारी
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य से समझौता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले गर्मी के दिनों में भी घी, तेल और दूध से बनी मिठाइयों की सैंपलिंग का दायरा और बढ़ाये जाने की बात कही जा रही है। डॉ. नागर ने बताया कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण वस्तुएं उपलब्ध करवाने के लिये विभाग की कार्यवाहियां जारी रहेंगी।
सेम्पल लेते समय परी तरह गाईड़ लाईन की पालना की जाती है। कार्यवाही करने के दौरान पूरी सर्तकता से कागजी कार्यवाही करवायी जाती है। हमारी विधि टीम भी कार्यवाहियों के लिये तैयारी करती है।
-डॉ. नरेन्द्र नागर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी कोटा

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