असर खबर का : हिन्दू धर्मशाला की सुधर रही दशा, एक माह बाद नए स्वरूप में नजर आएगी धर्मशाला
40 लाख की लागत से किया जा रहा काम
कोटा। नगर निगम की ओर से रामपुरा के आर्य समाज रोड स्थित हिन्दू धर्मशाला की दशा सुधारी जा रही है। यहां करीब 40 लाख रुपए की लागत से इसकी मरम्मत व नवीनीकरण का कार्य कराया जा रहा है। नगर निगम की ओर से संचालित हिन्दू धर्मशाला काफी पुरानी बनी हुई है। जिसकी कई सालों से मरम्मत नहीं हुई थी। ऐसे में इसके बाहर से लेकर अंदर तक, कमरों से लेकर बाथरूम तक, छत से लेकर फर्श तक सभी की हालत इतनी अधिक खराब हो गई थी कि देखने से यह किसी जर्जर भवन की तरह नजर आ रही थी। लेकिन अब जैसे ही नगर निगम ने इसकी सुध ली तो इसकी दशा सुधरने लगी है।
यह हो रहा काम
धर्मशाला में ऊपर और नीचे करीब 35 कमरे हैं। जिनमें से 5 कमरे अधिकािरयों के लिए रिजर्व हैं। इन सभी कमरों में प्लास्टर करने के साथ ही दीवारों पर टाइल्स लगाई जा रही है। कमरे में पुताई कर नयापन लाया जा रहा है। वहीं लाइट की वायरिंग से लेकर खिड़की दरवाजे तक सुधारे जा रहे हैं।धर्मशाला में प्रवेश करते ही आंगन के फर्श के पुराने पत्थरों को हटाकर ग्रेनाइट के नए पत्थर लगाए गए हैं। ग्राउंड व पहली मंजिल के पूरे फर्श को नया रूप दिया जा रहा है। छत पर भी दूजड़ा किया गया है। जिससे बरसात में पानी टपकने की समस्या नहीं रहेगी।
बाथरूम भी किए जा रहे नए
धर्मशाला में पुरुषों व महिलाओं के लिए जन सुविधा व बाथरूम अलग-अलग बने हुए हैं। लेकिन उनकी हालत काफी खराब थी। अब निगम की ओर से बाथरूम की दशा सुधारी जा रही है। यहां नई शीट लगाने के साथ ही मरम्मत व दरवाजें भी बदले जा रहे हैं। वहीं पुरुषों के लिए आंगन के पास ही नए शौचालय भी बनाए जाएंगे।वहीं नालियों को सही किया जा रहा है। उनका निकास बाहर की तरफ किया जा रहा है। जिससे बरसात में पानी भरने की समस्या नहीं रहेगी। वहीं रिसेप् शन को भी नया रूप दिया जाएगा।
अन्नपूर्णा रसोई की जगह भी सुधरेगी
धर्मशाला में काम चलने से फिलहाल यहां कोई रात्रि विश्राम के लिए नहीं आ रहा था। यहां कमरों का काम पूरा होने के बाद अन्नपूर्णा रसोई की जगह की दशा भी सुधारी जाएगाी । फिलहाल यहां रसोई संचालित होने से इसका काम अभी शुरु नहीं किया गया है।
पहले हो रही थी दुर्दशा
पुराने शहर के रामपुरा में होने से इस धर्मशाला में पहले काफी लोग आकर रात में ठहरते थे। निगम की ओर से यहां कमरों का किराया मात्र 50 रुपए होने से लोगों के लिए यह सुविधा जनक भी थी। लेकिन इसकी हालत खराब होने से यहां आने वालों की संख्या कम हो गई थी।
यहां के कमरों की हालत इतनी अधिक खराब थी कि प्लास्टर उखड़ा हुआ था। दीवारों पर सीलन आ रही थी। बिजली की लाइनें उखड़ी हुई थी। लाइटें व पंखे पुराने होने से उनके कभी की गिरने का खतरा बना हुआ था। वहीं बाथरूम की हालत ऐसी थी कि उनका उपयोग करना तो दूर वहां जाने तक में शर्म महसूस होती थी। कमरों के ही नहीं बाथरूम तक के दरवाजे टूटे हुए थे। खिड़कियां टूटी हुई थी। छत से बरसात में पानी टपकता था।
नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित
गौरतलब है कि धर्मशाला की दुर्दशा के संबंध में दैनिक नवज्योति ने समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें इसकी दुर्दशा व लोगों को होने वाली समस्या को उजागर किया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद निगम अधिकारियों ने इसकी सुध ली थी। सूत्रों के अनुसार शुरुआत में इसकी मरम्मत व जीर्णोद्धार का करीब 90 लाख रुपए का एस्टीमेट तैयार किया गया था। लेकिन बाद में इसे घटाकर 40 लाख रुपए कर दिया गया था। निगम ने टेंकर कर इसका काम शुरु कराया। कुछ समय से इसका काम तेजी से चल रहा है। इसका काम पूरा होने में अभी करीब एक माह का समय लगने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार धर्मशाला की दशा सुधरने के बाद यहा कमरों मेंं बिस्तर व पलंग भी बदले जाएंगे। जिससे यहां आने वालों को सुविधा मिलेगी तो नगर निगम की ओर से कमरों में ठहरने का किराया भी संशोधित कर बढ़ाया जा सकता है। नगर निगम की ओर से यहां दो पारियों में तो निगम के कर्मचारी लगाए हुए हैं। जबकि रात के समय सुरक्षा के लिए होमगार्ड तैनात किया गया है।
आयुक्त ने अधिकारियों के साथ किया निरीक्षण
धर्मशाला में चल रहे जीर्णोद्धार कार्य का गुरुवार शाम को नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। वर्तमान में यहाँ फ्रंट एलिवेशन को सुंदर बनाने, दीवारों की पुताई, टाइल्स लगाने और कमरों की बुनियादी मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। अधिकारियों ने गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए कार्य को समय पर पूरा करने की बात कही। निरीक्षण के दौरान अधिशाषी अभियंता कुलदीप प्रेमी व सहायक अभियंता मोतीलाल चौधरी भी मौजूद थे।

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