असर खबर का - हजार फीट में ही बना दी 8-8 मंजिला इमारतें, 91 अवैध निर्माण वाले भवन मालिकों को जारी किए नोटिस
केडीए ने शहर में अवैध निर्माण वाले भवनों का किया सर्वे
केडीए ने एक ही दिन में कोरल पार्क, लेण्डमार्क व जवाहर नगर क्षेत्र में की कार्रवाई।
कोटा। जवाहर नगर थाना क्षेत्र स्थित इंद्र विहार में तीन मंजिला बिल्डिग के धराशाही होने के बाद अब कोटा विकास प्राधिकरण प्रशासन हरकत में आया है। केडीए ने शहर में अवैध निर्माण वाले भवनों का सर्वे करने के साथ ही गुरुवार को एक ही दिन में 91 अवैध निर्माण वाले भवन मालिकों को नोटिस जारी किए हैं।
एक ओर जहां नगर निगम की ओर से इंद्र विहार में अवैध निर्माण वाले चार भवनों को सीज किया गया है। वहीं केडीए ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से कृषि भूमि पर बसी हुई आवासीय योजनाओं में बिना निर्माण स्वीकृति व बिना सेटबेक छोड़े बनायी गई बहुमंजिला ईमारतों के मालिकों को नोटिस जारी किए हैं।
8 सौ से 15 सौ वर्गफीट पर खड़ी हुई 8 मंजिले
प्राधिकरण द्वारा करवाए जा रहे सर्वे में सामने आया कि शहर में छोटे-छोटे भूखंडों पर बहुमंजिला इमारतें खड़ी की गई है। जिनमें 8 सौ से 15 सौ वर्ग फीट तक के भूखंडों पर 8 मंजिल तक के अवैध निर्माण कर लिए गए। अब केडीए की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
कोरल पार्क में 30 भूखंडों को दिए नोटिस
प्राधिकरण की आयुक्त ममता तिवारी के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई है। आयुक्त ने बताया कि प्राधिकरण के जोन 1 व 2 में स्थित योजना कोरल पार्क, दीपक रेजीडेन्सी, ग्राम हनुवन्तखेडा व गैर अनुमोदित योजना अमरनाथ एनक्लेव, ग्राम नयानोहरा में बिना सेटबेक छोड़े व अवैध रूप से निर्माण किया हुआ है। जहां जी प्लास 5 से लेकर जी प्लास 8 तक की बहुमंजिला ईमारते जो 1 हजार वर्गफीट से 12 सौ वर्गफीट तक के भूखंडों पर बनाई गई है। ऐसे 30 भूखण्डों पर निर्मित भवनों के मालिकों को नोटिस जारी किए हैं।
जवाहर नगर में 8 मंजिल तक किया निर्माण
जोन 3 में स्थित प्राधिकरण की अनुमोदित योजना जवाहर नगर में 800 वर्गफीट से 1250 वर्गफीट तक के भूखंडों पर जी प्लस 4 से जी प्लास 8 तक के भवनों का अवैध निर्माण व बिना स्वीकृति के निर्माण किया गया है। ऐसे 15 भूखण्डों पर निर्मित भवनों के मालिकों को नोटिस जारी किए हैं।
लैंडमार्क में भी यही स्थिति
आयुक्त ने बताया कि प्राधिकरण के जोन 4 में स्थित अनुमोदित योजनाएँ लेण्डमार्क सिटी, अम्बिका नगर में 900 वर्गफुट से 15 सौ वर्ग वर्गफुट के भूखण्डों पर बिना निर्माण स्वीकृति, बिना सेटबेक छोड़े व निर्माण स्वीकृति से अधिक ऊचाई तक अवैध निर्माण किया गया है। ऐसे अवैध निर्माण के संबंध में 46 भवन मालिकों को नोटिस जारी किये गये है। इस प्रकार प्राधिकरण द्वारा कुल 91 भवन मालिकों को नोटिस जारी किए गए है।
जवाब के लिए एक माह का समय
केडीए सचिव मुकेश चौधरी ने बताया कि जिन भी भवन मालिकों द्वारा अवैध निर्माण किया गया है। उन सभी को नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही उन्हें एक माह में जवाब पेश करने का समय दिया गया है। निर्धारित समय अवधि में जवाब प्राप्त नहीं होने या न्याय संगत व संतुष्टिपूर्ण जवाब प्राप्त नहीं होने की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई अमल में लायी जाएगी।
नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित
गौरतलब है कि शहर में अवैध निर्माण कर खड़ी की गई गगन चुम्भी इमारतों का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है। समाचार पत्र के 12 फरवरी के ही अंक में पेज दो पर' सांप निकलने के बाद लाठी पीट रहे जिम्मेदार शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया है। जिसमें बताया कि शहर में कहां-कहां और कितनी अवैध बिल्डिगें खड़ी हो गई है। अवैध निर्माण होते समय तो किसी भी जिम्मेदार अधिकारियों ने उन पर ध्यान नहीं दिया अब सर्वे कर लाठी पीट रहे हैं।
दैनिक नवज्योति में समाचार प्रकाशित होते ही नगर निगम और केडीए दोनों विभागों के अधिकारी हरकत में आए। निगम ने जहां 4 भवनों को सीज किया। वहीं केडीए ने भी नवज्योति द्वारा बताए गए स्थानों में से तीन स्थानों पर ही 91 भवन मालिकों को अवैध निर्माण का दोषी पाए जाने पर नोटिस जारी किए हैं।
उपायुक्तों के निर्देशन में जोन वाइज सवे किया जा रहा है। सर्वे में जो भी अवैध निर्माण होगा उन सभी को नोटिस जारी किए जाएंगे।
- ममता तिवारी, आयुक्त केडीए

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